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होर्मुज में मिला दगा तो भारत ने खोला नया द्वार, दनादन आ रहे तेल-LPG

Hormuz Strait Closed: ईरान जंग के बीच भारत के लिए एक और गुड न्‍यूज आई है. पुराने दोस्‍त ने नई दिल्‍ली से दशकों पुरानी दोस्‍ती निभाई है. पश्चिम एशिया में युद्ध छिड़ने के चलते होर्मुज स्‍ट्रेट से जहाजों का आना-जाना बुरी तरह से प्रभावित हुआ है. ऐसे में एशिया में एनर्जी सप्‍लाई चेन भी प्रभावित हुआ है. भारत भी ईरान वॉर से अछूता नहीं है. बता दें कि भारत कुल तेल का तीन चौथाई से भी ज्‍यादा हिस्‍सा खाड़ी के देशों से आयात करता है. गैस के मामले में यह आंकड़ा और भी ज्‍यादा है. गल्‍फ कंट्रीज से तेल और LPG के भारत आने का मुख्‍य रूट होर्मुज जलडमरूमध्‍य है, ऐसे में इस संकड़े समुद्री मार्ग के प्रभावित होने से शिपिंग पर असर पड़ा है. वेस्‍ट एशिया के हालात को देखते हुए भारत ने एनर्जी इंपोर्ट के लिए नया रास्‍ता अपनाया है. दशकों पुराने दोस्‍त रूस अब दोस्‍ती निभा रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, रूस से कच्‍चे तेल के आयात में 82 फीसद से भी ज्‍यादा की वृद्धि हुई है.

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर उसके गहरे असर के बीच भारत ने अपनी तेल आयात रणनीति में तेजी से बदलाव किया है. खाड़ी देशों से कच्चे तेल की आपूर्ति में भारी गिरावट के बीच रूस से आयात में तेज उछाल आया है, जिसने देश की ऊर्जा सुरक्षा को फिलहाल संभाले रखा है. उद्योग सूत्रों, टैंकर ट्रैकिंग डेटा और विशेषज्ञों के विश्लेषण से यह तस्वीर साफ उभरकर सामने आई है. पश्चिम एशिया में संघर्ष के चलते Strait of Hormuz के जरिए जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है. यह जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की दृष्टि से बेहद अहम है, जहां से सामान्य तौर पर दुनिया के कुल तेल और एलएनजी का करीब 20 प्रतिशत गुजरता है. भारत के लिए इसकी अहमियत और भी ज्यादा है, क्योंकि हाल के महीनों में देश के कुल कच्चे तेल आयात का लगभग आधा हिस्सा इसी मार्ग से होकर आता रहा है.

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