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होर्मुज स्‍ट्रेट में भारत करेगा बड़ा खेल, धड़ाधड़ आएंगे तेल और LPG के जहाज

Hormuz Crisis: ईरान जंग के बीच पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने खाड़ी क्षेत्र में फंसे अपने जहाजों और नाविकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए व्यापक योजना तैयार की है. पेट्रोलियम मंत्रालय और शिपिंग मंत्रालय के संयुक्त आकलन के अनुसार, कुल 18 जहाजों को प्राथमिकता के आधार पर निकासी सूची (Rescue List) में शामिल किया गया है. इनमें पांच इंडियन फ्लैग वाले जहाज हैं, जबकि बाकी विदेशी ध्वज वाले हैं, जिनपर भारतीय चालक दल कार्यरत हैं. होर्मुज स्‍ट्रेट से फंसे हुए जहाजों को लाने के लिए अमेरिका-इजरायल के साथ ही ईरान का साथ भी जरूरी है. इसके तहत प्‍लान के तहत स्‍पेशल ऑपरेशन चलाए जाने की संभावना है.

जानकारी के मुताबिक, करीब 20,000 भारतीय नाविक इस समय फारस की खाड़ी (Persian Gulf) क्षेत्र में विभिन्न जहाजों पर तैनात हैं और मौजूदा हालात के चलते जोखिम में हैं. ऊर्जा आपूर्ति पर भी इसका असर साफ दिख रहा है. होर्मुज के जरिये युद्ध से पहले जहां रोजाना 2 करोड़ बैरल कच्चे तेल का प्रवाह होता था, वहीं 1 मार्च के बाद यह घटकर लगभग 2.6 मिलियन बैरल प्रतिदिन रह गया है. यह गिरावट वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए चिंता का विषय बन गई है. स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 1 मार्च के बाद से अब तक खाड़ी क्षेत्र में 30 जहाजों पर हमले हो चुके हैं. वर्तमान में करीब 187 तेल टैंकर समुद्र में मौजूद हैं, जिनमें से 172 मिलियन बैरल कच्चा तेल लदा हुआ है. इन जहाजों की सुरक्षा और आवाजाही अब एक बड़ी चुनौती बन गई है.

भारत के लिए सबसे अहम समुद्री मार्ग होर्मुज स्‍ट्रेट (Strait of Hormuz) है, जो ईरान (Iran) और ओमान (Oman) के बीच स्थित है. यही मार्ग खाड़ी से दुनिया के अन्य हिस्सों तक तेल आपूर्ति का मुख्य रास्ता है. रिपोर्ट के अनुसार, भारत के 15 जहाज इस जलडमरूमध्य के पश्चिम में हैं, जबकि तीन जहाज ओमान की खाड़ी ( Gulf of Oman), तीन अदन की खाड़ी (Gulf of Aden) और दो लाल सागर (Red Sea) में मौजूद हैं. तनाव के चलते कुछ जहाजों ने वैकल्पिक मार्ग अपनाना शुरू कर दिया है. तीन जहाजों ने संघर्ष विराम की घोषणा के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य पार किया, जिनमें लाइबेरिया के झंडे वाला डेयटोन बीच और चीन के स्वामित्व वाला हाई लॉन्ग-13 शामिल हैं, जिन्होंने लारक रूट का इस्तेमाल किया. यह नया मार्ग अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जा रहा है

भारतीय अधिकारियों ने बताया कि निकासी सूची में शामिल जहाजों में कच्चे तेल के टैंकर, एलपीजी और एलएनजी कैरियर शामिल हैं. ‘जग विक्रम’, ‘सार्व शक्ति’, ‘एमटी देश विभव’, ‘एमटी देश शौर्य’ और ‘सिंगापुर लॉयल्टी’ जैसे जहाजों को प्राथमिकता दी जा रही है. इसके अलावा ‘ओमेगा ट्रेडर’, ‘एलएनजीसी दिशा’ और ‘अल घशामिया’ जैसे विदेशी ध्वज वाले जहाजों पर भी भारतीय चालक दल मौजूद है, जिन्हें सुरक्षित निकालना जरूरी है. सरकार ने यह भी बताया कि उर्वरक मंत्रालय ने 13 ऐसे जहाजों की पहचान की है, जो यूरिया, सल्फर और डायमोनियम फॉस्फेट लेकर आ रहे हैं. इनके अलावा नौ अन्य जहाजों को शिपिंग, रक्षा और विदेश मंत्रालय ने मिलकर चिन्हित किया है. इन सभी जहाजों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए नौसेना और तटरक्षक बल के साथ समन्वय बढ़ाया गया है.

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