ग्राम प्रधानों को दिए निर्देश, कोहरे में दुर्घटनाएं बढ़ीं, वाहनों पर रिफ्लेक्टर अनिवार्य: DM श्रुति
जनपद में शीत ऋतु के आगमन के साथ ही कोहरे और धुंध की तीव्रता बढ़ गई है। इससे सुबह और रात में दृश्यता कम होने के कारण सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है। विशेष रूप से, गन्ना परिवहन का कार्य तेजी से चल रहा है, जिससे ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित भारी वाहनों की आवाजाही सड़कों पर चौबीसों घंटे बनी रहती है।
ऐसी परिस्थितियों में वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाना सड़क सुरक्षा का एक प्रभावी और सरल उपाय है। रिफ्लेक्टर लगे होने से धुंध और कोहरे में वाहन दूर से ही दिखाई देने लगते हैं, जिससे पीछे से आने वाले वाहन चालक समय रहते सचेत हो पाते हैं।
यह उपाय टक्कर, पलटने और रात की दुर्घटनाओं में कमी लाता है, साथ ही यातायात को सुरक्षित और सुगम बनाता है। इन्हीं तथ्यों को ध्यान में रखते हुए, जनपद के सभी ट्रैक्टर-ट्रॉली, लोडिंग वाहनों, कृषि उपयोग के वाहनों तथा अन्य हल्के एवं भारी वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाना अनिवार्य कर दिया गया है।
जिलाधिकारी श्रुति ने सभी ग्राम प्रधानों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने गांवों में यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक ट्रैक्टर-ट्रॉली और कृषि वाहन पर नियमानुसार आगे व पीछे रिफ्लेक्टर लगाए जाएं। कृषक भाइयों-बहनों और सभी वाहन स्वामियों को बिना किसी देरी के अपने वाहनों पर उच्च गुणवत्ता वाले रिफ्लेक्टर लगवाने का निर्देश दिया गया है।
ग्राम स्तर पर जागरूकता अभियान, बैठकों और सार्वजनिक सूचना के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का भी अनुरोध किया गया है।
यह कदम केवल नियमों का पालन नहीं, बल्कि स्वयं और दूसरों के जीवन की सुरक्षा का दायित्व भी है। इस सहयोग से कई बहुमूल्य जानें बचाई जा सकेंगी और जनपद को सुरक्षित यातायात के मॉडल के रूप में स्थापित किया जा सकेगा।

