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ईरान ने इजराइल पर सबसे बड़ा हमला शुरू किया, अमेरिकी ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं

अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज 12वां दिन है। ईरान ने दावा किया है कि उसने इजराइल के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा हमला शुरू कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने इजराइल और मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं।

ईरानी मीडिया की एक रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ईरान अमेरिकी टेक कंपनियों के दफ्तरों और डेटा सेंटर्स को भी निशाना बना सकता है। संभावित टारगेट की सूची में गूगल, अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट, एनवीडिया, IBM और ओरेकल जैसी कंपनियों के नाम बताए गए हैं।

इजराइल, दुबई और अबू धाबी में मौजूद इन कंपनियों के ऑफिस और डेटा सेंटर भी निशाने पर हो सकते हैं। इस बीच UNSC आज एक प्रस्ताव पर वोटिंग करने वाली है। इसमें ईरान से कहा गया है कि वो बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब, UAE और जॉर्डन पर हमले बंद करे।

ईरान ने कहा है कि वह अमेरिका और इजराइल से जुड़े बैंकों और आर्थिक ठिकानों पर हमला कर सकता है। ईरान का कहना है कि उसके एक बैंक पर हमला हुआ है, इसलिए अब वह जवाबी कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है।

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से जुड़े खातम अल-अनबिया मुख्यालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि दुश्मनों के हमले के बाद अब ईरान के पास जवाब देने का पूरा अधिकार है।

उन्होंने कहा कि क्षेत्र में मौजूद अमेरिका और इजराइल से जुड़े बैंक और आर्थिक सेंटर्स ईरान के निशाने पर आ सकते हैं।

साथ ही ईरान ने लोगों को चेतावनी दी है कि बैंकों के आसपास न जाएं और उनसे कम से कम 1 किलोमीटर दूर रहें, क्योंकि वहां हमला हो सकता है।

लेबनान के पूर्वी बालबेक जिले में इजराइल के एक हवाई हमले में 10 लोगों की मौत हो गई और 5 लोग घायल हो गए। रिपोर्ट के मुताबिक यह हमला तमनीन अल-तहता इलाके में एक इमारत पर किया गया। इस इमारत में सीरिया का एक परिवार रहता था, जो हमले की चपेट में आ गया।

ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई सुरक्षित हैं। यह जानकारी ईरान सरकार के सलाहकार यूसुफ पेजेश्कियन ने सोशल मीडिया पोस्ट में दी है। उन्होंने कहा कि पहले ये जानकारी आई थी कि मुजतबा खामेनेई जंग में घायल हो गए हैं, हालांकि बाद में जब जानकारी ली गई तो पता चला कि वे ठीक और सुरक्षित हैं।

चीन ने कहा है कि वह खाड़ी देशों पर हो रहे हमलों से सहमत नहीं है। चीन का कहना है कि ऐसे हमलों में आम लोगों और गैर-सैन्य जगहों को नुकसान पहुंच रहा है, जो ठीक नहीं है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह बात कही।

उन्होंने कहा कि नागरिकों और जरूरी इमारतों को निशाना बनाना गलत है और इससे इलाके में तनाव और बढ़ सकता है। हालांकि चीन ने अपने बयान में किसी देश का नाम नहीं लिया,

कतर ने ईरान जंग में मध्यस्थता करने से इनकार कर दिया है। कतर विदेश मंत्री मोहम्मद बिन अब्दुलअजीज अल-खुलैफी ने कहा कि जंग बंद होने के बाद ही कतर कोई निभाएगा।

उन्होंने अल जजीरा से कहा कि कतर ईरान का दुश्मन नहीं है और पूरे रीजन को दुश्मन की तरह नहीं देखा जाना चाहिए। इस संकट का स्थायी समाधान सिर्फ बातचीत से ही निकल सकता है।

विदेश मंत्री ने बताया कि ईरान के हमलों से कतर और उसके पड़ोसी देशों के ऑयल इन्फ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे कतर काफी परेशान है। उन्होंने ईरान, इजराइल और अमेरिका से अपील की कि वे लड़ाई बंद करें और बातचीत की मेज पर लौटें।

Umh News india

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