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क्‍या फिर गोल्‍ड के भाव में लगने वाली है ‘आग’

दिल्‍ली. सोना और चांदी की कीमते रिकार्ड स्‍तर पर पहुंचने के बाद गिरी हैं. कमोडिटी बाजार में मची इस उथल-पुथल के बीच चीन दबाकर सोना खरीद रहा है. चीन के केंद्रीय बैंक, पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (PBOC) ने बताया है की उसने लगातार 15वें महीने अपने सोने के भंडार में इजाफा किया है. आर्थिक अनिश्चितता के इस दौर में चीन द्वारा लगातार सोना खरीदना वैश्विक निवेशकों को अचम्‍भे में डाल रहा है. यह रणनीतिक निवेश ऐसे समय में किया गया है जब दुनिया भर में भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक जोखिम चरम पर हैं.

पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, जनवरी माह में भी चीन ने सोने की आक्रामक खरीदारी जारी रखी. रॉयटर्स की रिपोर्ट बताती है कि जनवरी के अंत तक चीन के पास सोने की कुल मात्रा बढ़कर 74.19 मिलियन फाइन ट्रॉय औंस हो गई है, जो दिसंबर में 74.15 मिलियन ट्रॉय औंस थी. सिर्फ मात्रा ही नहीं, बल्कि चीन के गोल्ड रिजर्व की कुल वैल्यू ने भी एक लंबी छलांग लगाई है. जनवरी के अंत में चीन के स्वर्ण भंडार का मूल्य बढ़कर 369.58 अरब डॉलर पहुंच गया, जो पिछले महीने के 319.45 अरब डॉलर के मुकाबले एक भारी वृद्धि दर्शाता है.

चीन की इस सक्रियता और वैश्विक सट्टा खरीदारी के चलते जनवरी में सोने की कीमतों ने 5,600 डॉलर प्रति औंस का ऐतिहासिक रिकॉर्ड स्तर छुआ था. हालांकि, यह रिकॉर्ड तेजी स्थायी साबित नहीं हुई. अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अगले नेतृत्व को लेकर केविन वार्श के नामांकन की खबरों ने बाजार का रुख बदल दिया, जिससे स्पॉट गोल्ड की कीमतों में तेज गिरावट देखी गई. अब सोने का अंतराष्‍ट्रीय बाजार में भाव 4887 डॉलर प्रति औंस हो गया है.
दिलचस्प बात यह है कि जहां चीन का केंद्रीय बैंक सोना जमा कर रहा है, वहीं चीन के आम उपभोक्ताओं की गोल्ड खपत में लगातार दूसरे साल गिरावट आई है. चाइना गोल्ड एसोसिएशन के मुताबिक, 2025 में चीन की कुल गोल्ड खपत 3.75 प्रतिशत घटकर 950 मीट्रिक टन रह गई.

Umh News india

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