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इजराइल की ईरान पर 50 फाइटर जेट से एयरस्ट्राइक

ईरान-इजराइल जंग के 28 दिन बाद अब हूती विद्रोही भी इसमें शामिल हो गए हैं। इजराइल ने ईरान के अंदर 50 फाइटर जेट्स से हमला किया। इजराइली सेना के मुताबिक शुक्रवार रात ईरान के तीन इलाकों में हथियार बनाने वाली फैक्ट्रियों और परमाणु कार्यक्रम से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया।

सेना ने बताया कि ये हमले खुफिया जानकारी के आधार पर किए गए और कई घंटों तक चले। हमलों में अराक और यज्द जैसे अहम इलाके शामिल थे। जिन ठिकानों को निशाना बनाया गया, उनमें हथियार बनाने वाली सैन्य इंडस्ट्री और बैलिस्टिक के साथ एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइल के पुर्जे बनाने वाली फैक्ट्री शामिल थी।

इसके अलावा अराक में मौजूद हेवी वॉटर प्लांट पर भी हमला किया गया, जिसे इजराइल ने परमाणु हथियारों के लिए प्लूटोनियम तैयार करने में अहम बताया है। वहीं यज्द में उस प्लांट को भी निशाना बनाया गया, जहां यूरेनियम संवर्धन (एनरिचमेंट) के लिए जरूरी विस्फोटक सामग्री तैयार की जाती है।

वहीं, ईरान ने सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर शुक्रवार रात को 6 बैलिस्टिक मिसाइलें और 29 ड्रोन दागीं। इस हमले में कम से कम 15 सैनिक घायल हुए, जिनमें 5 की हालत गंभीर बताई जा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि अब अगला नंबर क्यूबा का है। यह बात उन्होंने शुक्रवार को मियामी में एक बिजनेस समिट के दौरान कही।

ट्रम्प ने हालांकि साफ तौर पर यह नहीं बताया कि क्यूबा के खिलाफ उनका अगला कदम क्या होगा, लेकिन उन्होंने इशारा दिया कि जरूरत पड़ी तो सैन्य ताकत का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।

ट्रम्प ने कहा कि मैंने अमेरिकी सेना को बहुत मजबूत बनाया है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि इसका इस्तेमाल करना पड़ेगा, लेकिन कभी-कभी ऐसा करना पड़ता है। वैसे क्यूबा का अगला नंबर है।

हालांकि इसके तुरंत बाद ही उन्होंने कहा- ऐसा समझो कि मैंने यह कहा ही नहीं है। बहरीन ने जंग शुरू होने के बाद से अब तक ईरान के 550 से ज्यादा हमले रोके हैं। सेना के मुताबिक, अब तक 174 मिसाइल और 385 ड्रोन गिराए गए हैं।

आज बहरीन में दो बार सायरन बजे, ताकि लोगों को हमले की चेतावनी मिल सके। सरकार ने लोगों से कहा कि वे तुरंत सुरक्षित जगह पर चले जाएं।

कुछ दिन पहले एक हमले में एक जगह आग लग गई थी, लेकिन अब उस पर काबू पा लिया गया है। थाईलैंड ने ईरान के साथ एक समझौता किया है, जिसके तहत उसके तेल टैंकर अब होर्मुज से सुरक्षित गुजर सकेंगे। थाई प्रधानमंत्री अनुतिन चर्नवीराकुल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस समझौते से देश में ईंधन को लेकर बनी चिंता कम होगी।

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