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कानपुर : गैंगरेप का आरोपी पत्रकार बोला- मुझे फंसाया गया

साहब, मैंने रेप नहीं किया। उस लड़की को न कभी देखा, न कभी बात हुई। आप मेडिकल करा लीजिए। मैं निर्दोष हूं। अगर दोषी मिलता हूं, तो जेल भेज दीजिएगा। मुझे रंजिशन फंसाया जा रहा है।

सोमवार रात अमित दरोगा का फोन आया। कहा, RPF में नए इंस्पेक्टर आए हैं। लोहा चोरी हुआ है, मिलना चाहते हैं। अपने पत्रकार साथियों से पता करो। हम बाइक से 35 नंबर सोना क्रॉसिंग पहुंचे। वहां RPF इंस्पेक्टर मिले, साथ में अमित दरोगा थे। इसी बीच लड़के अपनी बहन को ढूंढते हुए आए। मुझे भी देख लिया, तो मेरा भी नाम लिख दिया।

क्रॉसिंग के पास फिंगर का ठेला लगाने वाले लड़के से लड़की का अफेयर चल रहा है। उससे पता करा लीजिए। वह उससे मिलता रहता है। जांच करा लीजिए, पूरी सच्चाई सामने निकलकर आ जाएगी।

ये बातें रो-रोकर गैंगरेप के आरोपी पत्रकार शिवबरन ने पुलिस के सामने बताईं। कानपुर के सचेंडी थाने में मंगलवार को 14 साल की लड़की ने बिठूर में तैनात दरोगा अमित मौर्या और पत्रकार शिवबरन पर गैंगरेप की FIR दर्ज कराई है। पत्रकार शिवबरन को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी दरोगा अभी फरार है। उसकी तलाश में चार टीमें लगी हुई हैं। मामले में लापरवाही बरतने पर DCP वेस्ट को हटा दिया है।

पत्रकार ने सफाई में क्या-क्या कहा, पढ़िए

  • पत्रकार ने बताया- सोमवार रात RPF इंस्पेक्टर का फोन आया। उन्होंने कहा- भीमसेन के पास रेलवे लाइन से लोहा काटा गया है, चोरी का खुलासा कराओ, ऊपर से आदेश हैं। इस पर मैंने उनसे कहा- सर, जानकारी करेंगे। फिर उन्होंने मुझे बुला लिया। मैं बाइक से पहुंचा। वहां दरोगा अमित मिले। आधे घंटे तक हम अमित दरोगा की स्कॉर्पियो में बैठे रहे।
  • इंस्पेक्टर सफेद कार से आए। काफी देर तक हम लोगों में बातचीत हुई। इसके बाद RPF इंस्पेक्टर चले गए। मैं भी बाइक से घर लौट रहा था, तभी याद आया कि मफलर दरोगा की स्कॉर्पियो में ही छूट गया। मैंने दरोगा को फोन किया, तब उन्होंने कहा कि मैं अभी यहीं हूं। मैं दरोगा के पास पहुंचा तो शंकरपुरवा के दो लड़के आ गए।
  • हमने उनसे पूछा- यहां क्या कर रहे हो? लड़कों ने कहा- हम अपनी बहन को ढूंढ रहे हैं। इसके बाद मैं घर चला आया। अगले दिन यानी मंगलवार सुबह मैं फिर बाइक से जा रहा था। उस वक्त खेत में कुछ लोग पानी लगा रहे थे। जो लड़के सोमवार को मिले थे, वे चिल्लाकर कह रहे थे- एक दरोगा आए थे और एक गोरा लड़का था, उसी ने मेरी बहन से छेड़छाड़ की।
  • मैं तुरंत दौड़कर उनके पास गया। पूछा- तुमने हमें छेड़छाड़ करते देखा था क्या, झूठ मुझे क्यों फंसा रहे हो? जवाब मिला- नहीं, बहन ने ये सब बताया है। हमने कहा कि बहन को बुलाओ, तो वह लड़का बोला कि मेरी बहन चौकी गई है, जिसके बाद मैं तुरंत चौकी भागकर आया। मैं कुछ भी नहीं जान पा रहा हूं कि मुझे क्यों फंसाया गया है।

अब सिलसिलेवार तरीके से पूरी घटना जानिए

  • स्कॉर्पियो से लड़की को किडनैप किया: सचेंडी थाना क्षेत्र में रहने वाली लड़की ने बताया- मैं सोमवार रात करीब 10 बजे घर से निकली थी। इस दौरान स्कॉर्पियो सवार दो लड़कों ने मुझे जबरन गाड़ी के अंदर खींच लिया। इनमें एक पुलिस वाला था। आरोपी सचेंडी में रेलवे ट्रैक के किनारे सुनसान जगह पर ले गए।दोनों ने स्कॉर्पियो के अंदर ही मेरे साथ गैंगरेप किया।
  • गैंगरेप के बाद लड़की को फेंककर भागे: भाई ने बताया- दरोगा अमित कुमार और शिवबरन ने गैंगरेप किया। करीब 2 घंटे बाद दोनों युवक मेरी बहन को घर के बाहर बेहोशी की हालत में फेंककर भाग गए। रात 12 बजे मैंने देखा कि बहन घर के बाहर बदहवास पड़ी थी। हम उसे अंदर लेकर गए और होश में लाए। बहन हमें घटना के बारे में बताया। इसके बाद मैंने तत्काल डायल-112 पर पुलिस को सूचना दी। तब पुलिस मौके पर पहुंची।
  • पुलिस ने पीड़ित और उसके भाई को भगाया: भाई ने बताया- पुलिस मुझे और बहन को भीमसेन चौकी पर ले गई। लेकिन, जब हमने बताया कि आरोपियों में एक पुलिस वाला है, तो हमें चौकी से भगा दिया गया। मंगलवार को हम लोग पुलिस अफसरों के पास पहुंचे। इसके बाद पुलिस ने हमारी रिपोर्ट तो दर्ज की, लेकिन आरोपियों के नाम हटवा दिए। अज्ञात के खिलाफ गैंगरेप और अपहरण की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। मुकदमा दर्ज होने के बाद मंगलवार देर रात किशोरी का मेडिकल कराया गया।
  • DCP हटाए गए, इंस्पेक्टर सस्पेंड: बुधवार को पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने DCP वेस्ट दिनेश चंद्र त्रिपाठी को हटाकर DCP हेड क्वार्टर से अटैच कर दिया। आरोप- उनके क्षेत्र का मामला था और उसमें लापरवाही बरती गई। सचेंडी इंस्पेक्टर विक्रम सिंह को सस्पेंड कर दिया है। आरोप है कि मुकदमे में उन्होंने पॉक्सो एक्ट की धाराएं नहीं लगाईं। तथ्यों में तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया।
  • घटना में इस्तेमाल स्कॉर्पियो जब्त: पुलिस कमिश्नर ने बताया कि शुरुआत में अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। पीड़िता ने अपने बयान में बिठूर में तैनात दरोगा अमित मौर्या और पत्रकार शिवबरन का नाम लिया। इसके बाद दोनों को मुकदमे में नामजद किया गया। घटना में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो (UP 78 JJ 9331) को पुलिस ने जब्त कर लिया है। यह स्कॉर्पियो दरोगा अमित कुमार मौर्या की है। घटना के समय दरोगा की सचेंडी में मौजूदगी पाई गई है, जबकि उसकी तैनाती बिठूर थाने में थी।
  • फोरेंसिक टीम ने सबूत जुटाए: मामले की जांच एडीसीपी वेस्ट कपिल देव सिंह को सौंपी गई है। एडीसीपी वेस्ट ने बुधवार को जांच शुरू की। वह सबसे पहले सचेंडी में रेलवे ट्रैक के किनारे पहुंचे, जहां पीड़िता ने अपने साथ गैंगरेप होने की बात बताई थी। इस दौरान उन्होंने घटनास्थल के आसपास मौजूद दुकानदारों से पूछताछ की। वहीं फोरेंसिक टीम ने मौके से सबूत भी जुटाए।
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