खुर्जा : भ्रष्टाचार और भूमि अधिग्रहण के मुआवजे में विसंगतियों के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन
खुर्जा तहसील में भ्रष्टाचार और भूमि अधिग्रहण के मुआवजे में विसंगतियों के खिलाफ हजारों किसानों ने जोरदार प्रदर्शन किया। शनिवार को हुए इस प्रदर्शन में किसानों ने खुर्जा तहसीलदार को तत्काल पद से हटाने की मांग की।
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के युवा पश्चिम उत्तर प्रदेश सचिव बब्बन चौधरी की अगुवाई में किसानों ने मदनपुर गांव से अपनी यात्रा शुरू की। प्रदर्शनकारी ‘तहसीलदार हटाओ-किसान बचाओ’ और ‘भ्रष्टाचार मुर्दाबाद’ के नारे लगाते हुए सैकड़ों की संख्या में ट्रैक्टरों और पैदल मार्च के साथ कालिंदी कुंज की ओर बढ़े।
किसानों का यह जत्था जब जंक्शन मार्ग स्थित पंचवटी के पास पहुंचा, तो सुरक्षा के मद्देनजर तैनात पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। प्रशासन और किसानों के बीच कई घंटों तक वार्ता चली, लेकिन किसान अपनी मांग पर अड़े रहे और आगे बढ़ते हुए कालिंदी कुंज पहुंचे। कालिंदी कुंज में किसानों ने महापंचायत शुरू कर दी। किसान नेता बब्बन चौधरी ने खुर्जा तहसीलदार पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें तत्काल पद से हटाने की मांग की है। किसानों का आरोप है कि तहसीलदार क्षेत्र में भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं और विरोध करने वाले किसानों पर फर्जी मुकदमे दर्ज करा रहे हैं। मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि जुलाई 2025 में जिले के सर्किल रेट 10 से 20 प्रतिशत बढ़ाए गए। हालांकि, गंगा ग्रीन फील्ड लिंक एक्सप्रेस-वे के अंतर्गत आने वाले 46 गांवों के सर्किल रेट को जानबूझकर नहीं बढ़ाया गया, जिससे किसानों को उचित मुआवजा नहीं मिल पा रहा है।

