खुर्जा। श्री जी परिवार के तत्वाधान में श्री हनुमंत कथा और संकीर्तन का आयोजन
खुर्जा। श्री जी परिवार के तत्वाधान में श्री हनुमंत कथा और भव्य संकीर्तन का आयोजन किया गया। इस दौरान सैकड़ो की संख्या में महिला-पुरूषाों ने कथा सुनी और संकीर्तन में भक्ति गीतों पर नृत्य किया। कथा का आयोजन से पूर्व सर्वप्रथम गणेज पूजन आचार्य ओमप्रकाश शास्त्री द्वारा किया गया।
खुर्जा नगर के गांधी रोड़ स्थित सेठ मुरारी लाल की धर्मशाला में दो दिवसिय श्री हनुमंत कथा का आयोजन किया जा रहा है हनुमंत कथा व्यास श्री अतुल कृष्ण महाराज जी ने कथा सुनाते हुए कहा कि गुरु एवं नाम महिमा के साथ भावना एवं भक्ति की सुन्दर व्याख्या की। महाराज ने कहा कि गुरु का अर्थ है कि गुरु अपने शिष्य को सदैव अन्धकारमय जीवन से मुक्त कर प्रकाश की ओर आगे बढ़ाने का मार्गदर्शन करते हैं।
हनुमान जी का जन्म माता अंजना और वानरराज केसरी के यहाँ हुआ था, जो भगवान शिव के अंश माने जाते हैं, शिव पुराण के अनुसार भगवान विष्णु के राम अवतार के समय शिवजी ने उनकी सहायता के लिए अंजना के गर्भ से जन्म लियाए वहीं वाल्मीकि रामायण और अन्य कथाओं में बताया गया है कि अंजना जो एक अप्सरा थीं श्रापवश वानर रूप में जन्मी थीं ने घोर तपस्या की जिसके फलस्वरूप पवन देव ;वायु देव की कृपा से उन्हें यह तेजस्वी पुत्र प्राप्त हुआ जो अत्यंत पराक्रमी और बलशाली थे और इसी कारण वे पवनपुत्र कहलाए।
इससे पहले भव्य रूप से संकीर्तन का आयोजन किया गया संकीर्तन माधो बिहारी दास व उनके साथी गब्बर भईया, श्री धाम वृंदावन वालों ने सुंदर-सुंदर भजन सुनाकर भक्तों को झूमने पर विवश कर दिया। इस दौरान बाहर से भी कई संकीर्तन समितियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान समिति के अध्यक्ष पीयूष अग्रवाल ने बताया कि श्री हनुमंत कथा नगर में पथम बार आयोजित की जा रही है। श्री जी परिवार संस्था के प्रथम वार्षिकोत्सव बड़ी धूमधाम के साथ आयोजित किया जा रहा है।
इस दौरान उपस्थित लोगो में बंसत कानोड़िया, मोहित मित्तल, हरिओम गुप्ता, एडवोकेट दीपक शर्मा, विकास वर्मा, अविनाश तायल, पूनम चोहान, मनीष तायल, राम दिवाकर, अरूण कुमार गर्ग, एडवोकेट योगेश कुमार तायल, आयुष अग्रवाल, अमन गोविल और प्रदीप पंड़ित, योगेश तायल कपड़े वाले आदि उपस्थित रहे।

