किडनी बेचने वाला MBA स्टूडेंट गर्लफ्रेंड के सामने फूट-फूटकर रोया
कानपुर में रुपए के लालच में अपनी किडनी बेचने वाला आयुष हैलट अस्पताल के ICU में एडमिट है। पुलिस ने आयुष से कहा कि परिजनों को पूरी बात बता दे। इस पर आयुष पुलिसकर्मियों के पैर पकड़कर रोने लगा। कहा- सर, मेरी मां को कुछ मत बताना। मैं नौकरी करने की बात कहकर कानपुर आया था।
पुलिस का कहना है कि इसके बाद आयुष ने बिहार के बेगूसराय में रहने वाली अपनी गर्लफ्रेंड से हमारी बात कराई। वह आयुष से मिलने कानपुर आई। गर्लफ्रेंड को देखते ही आयुष की आंखों से आंसू निकल पड़े। वह फूट-फूटकर रोने लगा। उसने कहा- मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गई। गर्लफ्रेंड ने सिर पर हाथ फेरकर दिलासा दिया।
कानपुर में किडनी गैंग के डॉक्टरों के चंगुल में फंसे MBA स्टूडेंट आयुष ने अपनी किडनी बेच दी। इसके बाद भी जब रुपए नहीं मिले, तो उसने मामले का पर्दाफाश कर दिया। किडनी निकलने के बाद उसकी तबीयत पूरी तरह सही नहीं है। उसे मेडिकल टीम की निगरानी में रखा गया है। आयुष बिहार के समस्तीपुर और लड़की बेगूसराय की है।
इधर 6 लोगों को गिरफ्तर कर जेल भेजने के बाद पुलिस ने इस गैंग से जुड़े चार फरार डॉक्टरों के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया है। एक टीम मेरठ रवाना हुई है। वहां से पुलिस को जरूरी इनपुट मिला है। गर्लफ्रेंड ने आयुष से पूछा- आखिर किडनी क्यो डोनेट की? दरअसल, किडनी डोनेट मामले में छापेमारी के बाद पुलिस ने आयुष को हैलट अस्पताल के सुपर स्पेशसिलयिटी के 6वें फ्लोर में बने आईसीयू में एडमिट कराया गया है। बुधवार दोपहर करीब 12 बजे पुलिस की कड़ी सुरक्षा में आयुष की गर्लफ्रेंड को उससे मिलवाया गया। बिहार से कानपुर पहुंचने के बाद उसकी सुरक्षा में रावतपुर थाने के तीन पुरुष, एक महिला दरोगा और एक कांस्टेबल थे। 3 दरोगा आयुष की गर्लफ्रेंड के साथ आईसीयू में थे, जबकि दो पुलिसकर्मी पीजीआई के नीचे मौजूद थे।
गर्लफ्रेंड ने उसके सिर पर हाथ फेरते हुए उसे ढांढ़स बंधाते हुए उसके आंसू पोछे। लड़की ने आयुष से पूछा- आखिर किडनी क्यो डोनेट की? जिस पर उसने कहा कि फीस के लिए पैसे जमा नहीं हो रहे थे। इसी कारण वह दो महीने से परेशान था। इस दौरान उसकी मुलाकात शिवम अग्रवाल से हो गई, उसकी बातों में आकर उसने किडनी ट्रांसप्लांट कर दी। आयुष की गर्लफ्रेंड ने उससे नाराजगी जाहिर की। इस पर आयुष ने उसका हाथ पकड़ कर बेड से उठने का प्रयास किया, लेकिन दर्द की वजह से उठ नहीं सका। लड़की ने डॉक्टरों और हॉस्पिटल स्टाफ से आयुष के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली।
इस दौरान उसने आयुष को बताया कि उसकी मां काफी परेशान है। उनके साथ आने की बात कह रही थीं। उसने पुलिस को बताया कि आयुष का छोटा भाई ऋषभ है। वह प्राइवेट जॉब करता है।
करीब एक घंटे तक आईसीयू में रहने के बाद वह जैसे ही बाहर निकली, तो उसे मीडियाकर्मियों ने घेर लिया। इसके बाद वह दोबारा आईसीयू में चली गई। फिर पुलिसकर्मियों ने उसे अस्पताल के पिछले गेट से बाहर निकलवाया। गर्लफ्रेंड देहरादून के उसी ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी में पढ़ती है, जहां आयुष पढ़ता है। वह दूसरे सेमेस्टर में है, जबकि आयुष फोर्थ सेमेस्टर में है।
उसने बताया कि डॉ. अफजल बहन को किडनी ट्रांसप्लांट के लिए कानपुर लाया था। किडनी डोनेट में कितने पैसे दिए गए? इस सवाल पर उसने कहा कि जीजा ने पैसे दिए थे, हम नहीं जानते। इसके बाद उसने किसी भी सवाल का जवाब देने से इंकार कर दिया।

