12 करोड़ की लैंबोर्गिनी 8 करोड़ में थाने से छूटी
कानपुर में अरबपति कारोबारी केके मिश्रा के बेटे ने जिस 12 करोड़ की लैंबोर्गिनी कार से 6 लोगों को टक्कर मारी थी, वह कार 8.30 करोड़ के बेल बॉन्ड (गारंटी) पर थाने से छूट गई।
शुक्रवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) सूरज मिश्रा की कोर्ट ने दिन में कार को रिलीज करने का आदेश दिया। आधी रात 12:30 बजे कार थाने से छुड़वाई गई, फिर ट्रक में भरकर ले गए।
8 फरवरी को हादसे के बाद पुलिस कार (Lamborghini Revuelto) को थाने ले आई थी और कवर से ढक दिया गया था। तब से कार थाने में ही खड़ी थी।
4 दिन बाद यानी 12 फरवरी को पुलिस ने आरोपी कार मालिक शिवम को पकड़ा, लेकिन जमानती धाराओं में मुकदमा होने के चलते वह 7 घंटे में ही कोर्ट से छूट गया।
उसी दिन यानी 12 फरवरी को ही शिवम ने कार रिलीज कराने के लिए कोर्ट में एप्लीकेशन दी थी। उसने मुकदमे की पैरवी के लिए अटॉर्नी अपने करीबी सुनील कुमार को दी। यानी अब कार से जुड़े इस मुकदमे में सुनील कुमार ही सबकुछ देखेंगे। शुक्रवार रात साढ़े 12 1कार थाने से छुड़वाई गई, फिर ट्रक में भरकर ले गए।
इन 5 शर्तों पर कार को कोर्ट ने छोड़ा-
दस्तावेजों की जांच में यदि कोई कमी पाई जाती है, तो कोर्ट के आदेश पर नई जमानत/प्रतिभूति दाखिल करनी होगी
कार न तो बेची जाएगी और न ही किसी दूसरे के नाम ट्रांसफर की जाएगी।
कार मिलने के बाद उसके रंग, इंजन नंबर या चेसिस नंबर में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।
जब भी कोर्ट या जांच अधिकारी कार को तलब करेंगे, आवेदक उसे अपने खर्च पर पेश करेगा।
किसी भी शर्त के उल्लंघन पर आवेदक को राज्य सरकार के पक्ष में पर्सनल बॉन्ड की राशि जमा करनी होगी।
लैंबोर्गिनी केस में घायल बाइक सवार विशाल त्रिपाठी ने कहा- मेरी गाड़ी अभी तक पुलिस कस्टडी से रिलीज नहीं हुई है। अखबारों-टीवी चैनलों से पता चला है कि उनकी गाड़ी को पुलिस ने कल रात रिलीज कर दिया। मैं अपनी गाड़ी रिलीज करने के लिए थाने जाऊंगा। मेरी तहरीर भी थाने में पड़ी हुई है। अब तक उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उसके फॉलो-अप करने के लिए जल्द ही पुलिस स्टेशन जाऊंगा।

