Mathura Live: ‘फरसा वाले बाबा’ की मौत के बाद सुलगा शहर, अबतक क्या कुछ हुआ! , जानें
Farsa Wale Baba Death Case News Update: कान्हा की नगरी मथुरा में ईद वाला दिन काफी हंगामा-बवाल वाला रहा. एक तरफ जहां प्रेम-सद्भाव से त्योहार मनाना था, वहीं ब्रज की सड़कों पर पत्थर, डंडे चले. दरअसल, गौरक्षकों की सेवा के लिए फेमस चंद्रशेखर सिंह उर्फ फरसा बाबा (45) की शनिवार सुबह 5 बजे एक ट्रक से कुचलकर मौत हो गई. साथियों ने दावा किया कि गोतस्करों ने ट्रक से कुचलकर बाबा की हत्या कर दी. आग की तरह खबर फैलते ही लोग सड़कों पर उतर आए और फिर दिल्ली-आगरा हाईवे जाम कर दिया. पुलिस पर पथराव किया गया. मगर, जब जांच पड़ताल की गई तो डीआईजी ने बताया कि चंद्रशेखर की मौत हादसे में हुई है. आइए जानते हैं, जिन फरसा वाले बाबा की मौत पर इतना बवाल मचा वो कौन हैं और क्या है पूरा मामला? साथ ही इस मामले से जुड़े पल-पल के अपडेट्स जानते हैं…
दक्ष चौधरी सहित 5 पर दर्ज हुई FIR
पुलिस ने दक्ष चौधरी सहित 5 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. बरसाना थाना में तैनात एसआई मदन सिंह ने एफआईआर दर्ज कराई है. धारा 191(2),191(3),121(1),125,132,126 (2),221,352,351(2) और 7 में हुआ मुकदमा दर्ज. दक्ष, अक्कू पंडित, सचिन, रितेशपाल और डॉक्टर प्रकाश सिंह के खिलाफ दर्ज हुई FIR. पुलिस से गाली गलौज, जान से मारने की धमकी, पथराव, शांति भंग, अफरा-तफरी फैला कर माहौल खराब करने का आरोप. पुलिस ने ईंट पत्थर,7 डंडे और 9 जोड़ी जूते चप्पल किए बरामद. मथुरा के थाना बरसाना में दर्ज हुई FIR. अब तब फरसे वाले बाबा की मौत के मामले में दर्ज हो चुकी 4 एफआईआर. 2 पुलिस ने, एक विहिप के प्रांतीय अध्यक्ष ने, एक बाबा के शिष्य ने एफआईआर कराई.
गौ रक्षक चंद्रशेखर उर्फ फरसे वाले बाबा की एक्सीडेंट मौत मामले को गौतस्करी कहकर अफवाह मचाकर दंगा फैलाने की कोशिश की गई. एनएच जाम और पथराव किया गया. इस मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज करके 13 लोगों को गिरफ्तार किया है. इसके अलावा, मथुरा के बाहर का रहने वाला दक्ष चौधरी अपने तीन साथियों के साथ फरसा बाबा के आश्रम आया और अफवाह फैलाने की कोशिश की. इस मामले में भी एफआईआर दर्ज करके दक्ष और उसके तीन साथियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. सीसीटीवी के माध्यम से और लोगो की पहचान की जा रही है.
अगर कहीं गोवंश की तस्करी… सीएम योगी का सख्त मैसेज
सीएम योगी ने मथुरा की घटना का जिक्र करते हुए सख्त लहजे में अफसरों से कहा कि अगर कहीं गोवंश की तस्करी और गोवंश को लेकर घटनाएं घटित हुई तो अधिकारियों को सख्त खामियाजा भुगतना पड़ेगा. गौसेवा आयोग के पदाधिकारी समूह में भ्रमण करें और विभागीय मंत्री और अधिकारी फील्ड में उतरे.
क्या कुछ कार्रवाई हुई?
जाम, उपद्रव, हंगामा फायरिंग मामले में पुलिस ने 22 नामजद सहित 250 से 300 अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज किया मुकदमा. छाता कोतवाली प्रभारी कमलेश सिंह ने दर्ज कराई FIR. सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में अभी तक 14 आरोपियों को किया गया गिरफ्तार. BNS की धारा 109(1), 190, 191(2), 191(3), 352, 351(2), 195, 132, 324(4), आपराधिक कानून अधिनियम 7, सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम 3, 4 के अलावा IT एक्ट की धारा 67 में किया मुकद्दमा दर्ज.
पुलिस ने क्या कुछ किया था हंगामा रोकने को?
पुलिस ने 50 से ज्यादा चलाए थे आंसू गैस, रबड़ बुलट, स्मोक ग्रेनेड और शॉर्ट कारतूस. मौके से 15 बाइक के अलावा 315 और 312 बोर तमंचा के खाली कारतूस भी किए बरामद. हंगामे में 10 से ज्यादा पुलिस कर्मी हुए थे घायल. एसपी देहात, ADM प्रशासन के अलावा 7 सरकारी गाड़ियों को किया था क्षतिग्रस्त. राह चलते वाहन भी हुए थे पथराव से क्षतिग्रस्त.

