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मथुरा : भोर सुबह यमुना एक्सप्रेस-वे पर कोहरे के कारण भीषण हादसा

मथुरा: मथुरा में मंगलवार (16 दिसंबर, 2025) की सुबह करीब साढ़े 4 बजे यमुना एक्सप्रेस-वे पर कोहरे के चलते 7 बसें और 3 कारें भिड़ गईं. टक्कर होते ही गाड़ियों में आग लग गई. हादसे में 11 लोगों की जलकर मौत हो गई है. एक चश्मदीद ने बताया कि 20 एंबुलेंस से 150 लोगों को अस्पताल भेजा गया है. वहीं यमुना एक्सप्रेसवे अथॉरिटी ने यह अनाउंस किया था कि कोहरे के समय वाहनों की गति (LMV) की अधिकतम गति 100 से घटाकर 75 किमी प्रति घंटा कर दिया गया है. वहीं, भारी वाहनों की रफ्तार को 80 से घटाकर 60 किमी प्रति घंटा कर दी गई है. अनाउंसमेंट होने के दूसरे दिन ही यह हादसा एक्सप्रेसवे पर हो गया.

उत्तर प्रदेश के मथुरा के थाना बलदेव क्षेत्र के अंतर्गत यमुना एक्सप्रेस-वे पर नोएडा से आगरा की ओर जा रहे वाहनों में अचानक भिड़ंत हो गई. इस हादसे में डेढ़ सौ से अधिक लोग घायल हो गए, जबकि 11 लोगों के जिंदा जलने की सूचना सामने आई. हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर काबू पाया. हादसे में घायल और मृत लोगों के राहत बचाव ऑपरेशन की पहल शुरू की गई.

बता दें कि हादसा थाना बलदेव क्षेत्र में माइलस्टोन 127 पर हुआ. DM और SSP सहित अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं और रेस्क्यू जारी है. पुलिस, फायर ब्रिगेड, NHAI और SDRF के लोग आग बुझाने और घायलों को अस्पताल पहुंचाने में लगे हैं. प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि गाड़ियां आपस में टकराईं तो ऐसा लगा जैसे गोली चली हो. तेज धमाके हुए और पूरा गांव आनन-फानन में यहां पहुंच गया. सभी लोगों ने तत्काल मदद की. एंबुलेंस के कर्मचारी अमित कुमार ने बताया कि कितने लोग हताहत हुए हैं, इसकी गिनती अभी नहीं की जा सकती.
कोहरे की वजह से हुआ हादसा

एसपी ग्रामीण सुरेश रावत ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि 127 माइलस्टोन पर हादसा हुआ है. करीब 4:30 बजे कोहरे की वजह से बस और कारें भीड़ गईं. एक बस में आग लगने से अन्य बसों में भी आग लग गई. एक्सपर्ट की अगर मानें तो कुछ लोग जल्दी के चक्कर में रहते हैं. जल्दी के चक्कर तेज गाड़ी भगाते हैं. एक्सप्रेस-वे पर स्पीड से ज्यादा गाड़ी भगाना भी हादसे को न्योता देने के बराबर है. हल्के वाहनों (LMV) की अधिकतम गति 100 से घटाकर 75 किमी प्रति घंटा कर दिया गया है, वहीं भारी वाहनों की रफ्तार 80 से घटाकर 60 किमी प्रति घंटा कर दिया गया है.

ऐसे कंट्रोल रूम काटता है चलान

नई स्पीड लिमिट के बाद अगर कोई व्यक्ति तीन घंटे के सफर को 2 घंटे पूरा करता है तो सड़क पर लगे सीसीटीवी कैमरे उसे स्पीड को रीड करने के बाद मैसेज कंट्रोल रूम के पास भेजते हैं. कंट्रोल रूम में बैठे हुए कर्मचारी उस स्पीड का आकलन करने के बाद चालान करते हैं, लेकिन अधिकतर वाहन चालक कैमरे को देखने के बाद वह अपनी गाड़ी की स्पीड कम कर लेते हैं और चालान से बच जाते हैं. कैमरा दूर होने पर वह स्पीड बढ़ा देते हैं.

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