खुर्जा थर्मल पावर प्रोजेक्ट में मॉक ड्रिल आयोजित
खुर्जा स्थित अरनिया क्षेत्र में सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट में रासायनिक आपातकाल से निपटने और सुरक्षा मानकों को मजबूत करने के लिए एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास के दौरान प्लांट के कर्मचारी पूरी तरह मुस्तैद दिखे।
खुर्जा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक बिनोद साहू ने बताया कि यह अभ्यास गाजियाबाद से आई एनडीआरएफ की टीम के मार्गदर्शन में हुआ। इसका मुख्य उद्देश्य रासायनिक दुर्घटना की स्थिति में अधिकारियों और कर्मचारियों की त्वरित प्रतिक्रिया और समन्वय की जांच करना था।
मॉक ड्रिल के दौरान संयंत्र के भीतर केमिकल रिसाव की एक काल्पनिक स्थिति बनाई गई। सायरन बजते ही बचाव दल सक्रिय हो गया। एनडीआरएफ और सुरक्षा विभाग के जवानों ने तुरंत मोर्चा संभाला। अभ्यास में सूचना के संचार, प्रभावित क्षेत्र को सील करने और बचाव कार्य शुरू करने में लगने वाले समय का आकलन किया गया। रेस्क्यू टीम ने गैस मास्क और सुरक्षा उपकरणों से लैस होकर घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला और उन्हें प्राथमिक उपचार दिया। मुख्य महाप्रबंधक ने कहा कि ऐसे रिहर्सल से कर्मचारियों का आत्मविश्वास बढ़ता है और वास्तविक संकट के समय जान-माल के नुकसान को कम किया जा सकता है।
इस मौके पर एनडीआरएफ के साथ-साथ एसडीआरएफ, जिला प्रशासन, पुलिस बल, फायर ब्रिगेड, टीएचडीसी के अधिकारी और एनसीसी कैडेट्स ने भी भाग लिया।

