स्वतंत्रता दिवस पर नेशनल सोशल क्लब ट्रस्ट ने किया समाजसेवियों को सम्मानित
खुर्जा। नेशनल सोशल क्लब ट्रस्ट रजिo ने स्वतंत्रता दिवस पर समाजसेवियों को सम्मानित किया गया। इससे पहले ध्वज फहराया गया।
खुर्जा नगर के कबाड़ी बाज़ार चौराहे पर स्थित पीयूष अग्रवाल कबाड़ी के प्रतिष्ठान पर ध्वज फहराया गया। इससे पूर्व नगर के दो पहिया, ई रिक्शा, कार आदि पर कागज के ध्वज लगाए गए। करीब 150 से ज्यादा वाहनों पर ध्वज लगाया गया। जिसके बाद ध्वज फहराया गया और राष्टगान के बाद वीर शहीदों को याद किया गया, इस दौरान अग्रेजों से मिली आजादी के बारे में विस्तार से रखा गया।
शाम को नई बस्ती कॉलेज रोड पर सम्मान कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। जिसमें नगर के समाजसेवियों को सम्मानित किया गया। सभी को नेशनल सोशल क्लब ट्रस्ट रजिo खुर्जा की तरफ से सम्मान पत्र दिया गया।
इस दौरान क्लब के सचिव सचिन अग्रवाल ने क्लब के गठन और उद्देश्य के बारे में सभी को अवगत करवाया गया, और कहा कि हमारी पहचान तो बस ये है हम हिंदुस्तानी हैं! हर साल 15 अगस्त को हम आजादी का जश्न मनाते हैं। इस दिन स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पूरे देश में बड़े उत्साह और गर्व के साथ आजादी का जश्न मनाया जाता है। यह दिन हमारे देश के इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण दिन है क्योंकि इसी दिन 15 अगस्त 1947 को हमारा देश ब्रिटिश शासन से आजाद हुआ था।क्लब के गवर्नर दीपक गर्ग आढ़ती ने बताया कि भारत में प्रतिवर्ष 15 अगस्त को सार्वजनिक अवकाश के रूप में स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है, जो 15 अगस्त 1947 को यूनाइटेड किंगडम से देश की स्वतंत्रता की याद में मनाया जाता है। इसी दिन भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947 लागू हुआ, जिसने विधायी संप्रभुता भारतीय संविधान सभा को हस्तांतरित कर दी।
प्रदेश अध्यक्ष पीयूष अग्रवाल कबाड़ी ने कहा कि आजादी की नींव तब पड़ी जब 1929 में लाहौर अधिवेशन के दौरान पंडित जवाहरलाल नेहरू ने “पूर्ण स्वराज” की घोषणा की। इससे पहले महात्मा गांधी, जिन्ना और तेज बहादुर सप्रू जैसे नेताओं ने ब्रिटिश वायसरॉय से पूर्ण स्वतंत्रता की मांग की थी, लेकिन ब्रिटिश सरकार केवल डोमिनियन स्टेटस देने को तैयार थी। जिसमें भारत को सीमित स्वायत्तता तो मिलती, लेकिन वह ब्रिटिश साम्राज्य का हिस्सा ही बना रहता। नेताओं ने इसे नकारते हुए तय किया कि 26 जनवरी को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाएगा, जो परंपरा 1947 तक जारी रही। और 15 अगस्त को स्वतंत्रता मिली।
इस दौरान उपस्थित लोगों में पीयूष अग्रवाल कबाड़ी, दीपक गर्ग आढ़ती, भावुक बंसल, योगेश मोहन अग्रवाल, सचिन अग्रवाल, एड धर्मेंद्र पाल सिंह, डॉ शोभित कंसल, राहुल शर्मा, विकास वर्मा, वसंत कानोड़िया, नवीन बंसल, गोपाल तायल, मनीष जिंदल, प्राजंल, शेखर वर्मा, हरिओम गुप्ता, कुशाग्र अग्रवाल, चिराग, प्रदीप मित्तल और अमन गोविल आदि उपस्थित रहे।