काशी में कोई मंदिर नहीं तोड़ा गया : सीएम योगी
वाराणसी: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज वाराणसी पहुंचे. यहां उन्होंने साफ-साफ कहा कि काशी के खिलाफ लगातार साजिश रची जा रही है. लेकिन काशी के भौतिक विकास का संरक्षण किया जा रहा है. कुछ लोगों ने फिरौती ली है. फिर भी यहां का तेजी से विकास किया जा रहा है. काशी में कोई मंदिर नहीं तोड़ा गया है.
उन्होंने कहा कि काशी अविनाशी है. काशी को लेकर हर भारतवासी अपार श्रद्धा का भाव रखता है, लेकिन स्वतंत्र भारत में काशी को जो सम्मान मिलना चाहिए था उस समग्र विकास के कार्यक्रम को वो महत्व नहीं मिला, जो आजादी के तत्काल बाद मिलना चाहिए था. उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 11-11.5 साल के अंदर काशी एक बार फिर से अपने आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करते हुए उनका संवर्धन भी कर रहा है और भौतिक विकास के कार्यों के माध्यम से नई ऊंचाई को भी हासिल कर रहा है.
उन्होंने आगे कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि काशी का प्रतिनिधित्व देश की संसद में प्रधानमंत्री मोदी करते हैं. प्रारंभ से ही उन्होंने इस बारे में कहा है कि काशी की पुरातन काया को संरक्षित करते हुए उसे नए कलेवर के रूप में देश और दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाना चाहिए और उसी के अनुरूप पिछले 11-11.5 सालों में काशी की योजनाएं शुरू हुईं. 55,000 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं काशी के लिए स्वीकृत हुईं. इनमें से 36 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाएं लोकार्पित हो चुकी हैं और शेष योजनाएं प्रगतिशील तेजी के साथ आगे बढ़ रही हैं. 2014 से पहले या काशी विश्वनाथ धाम बनने से पहले यहां प्रतिदिन श्रद्धालुओं की संख्या 5 हजार से लेकर केवल 25 हजार तक पहुंचती थी. आज उसी काशी में 1.25 लाख से 1.50 लाख श्रद्धालु प्रतिदिन पहुंचते हैं. अकेले काशी ने देश की GDP में 1.3 लाख करोड़ रुपये का योगदान किया है.
सीएम योगी ने कहा, कांग्रेस के द्वारा दुष्प्रचार किया जा रहा है. AI वीडियो बनाकर गुमराह करने का प्रयास हो रहा है. सनातन की धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ हो रहा है. हर व्यक्ति जानता है कि मणिकर्णिका में जो मंदिर हैं, वे इस प्रोजेक्ट के संरक्षण का हिस्सा बनेंगे क्योंकि घाट इसके बाद बनने हैं इसलिए वे सभी मंदिर इससे संरक्षित होंगे. बता दें, इससे पहले सीएम योगी ने काल भैरव मंदिर और श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की.

