मोटापे का ताना झेलने वाली SP बोलीं-कमेंटबाजों को ठीक करूंगी, जिन्होंने भद्दी बातें लिखीं
मिर्जापुर की SP अपर्णा रजत कौशिक सुर्खियों में है। एक प्रेस ब्रीफिंग के वीडियो पर आए बॉडी शेमिंग के हजारों कमेंट ने कई सवाल खड़े किए। ट्रोलर्स IPS अफसर की कद-काठी पर भद्दे कमेंट कर रहे थे। मामला इतना बढ़ा कि पुलिस की सोशल मीडिया टीम को कमेंट ऑप्शन तक बंद करना पड़ा।
जब कमेंट होने शुरू हुए, तो मैंने 15 से 20 मिनट तक देखे। जो लोग कमेंट कर रहे थे, उन्होंने आईडी पर अपनी फोटो भी नहीं लगाई थी। मैंने सोचा कि जिन्हें खुद पर कॉन्फिडेंस नहीं, उन पर मैं अपनी एनर्जी क्यों वेस्ट करूं? मेरे पास करने के लिए उससे बड़ी चीजें हैं।
मैं हर चीज को पुलिस अफसर की तरह देखती हूं। पुलिस टीम ने डेटा एनालाइज किया, तो ज्यादातर फेक अकाउंट निकले। उनके बारे में पता करने में थोड़ा समय लगेगा। पुलिस अफसर के तौर पर मुझे प्रॉयोरिटी तय करनी होती है कि हम पहले लोगों की प्रॉब्लम सुनें, फिर अपनी। ऐसा नहीं है कि सिर्फ महिला के साथ ऐसा होता है, बहुत सारे पुरुष भी ऐसी हरकत झेलते हैं। उनके अपीयरेंस पर कमेंट किए जाते हैं। अक्सर लोग निगेटिव चीज में इंगेज होना ज्यादा पसंद करते हैं।
आपने कोई कमेंट कर दिया, उसके बाद आपको सोचना चाहिए कि ऐसा करके क्या मैं अच्छा इंसान बना? जिन्होंने भी कमेंट किए, उनमें से किसी से भी आप पूछ लीजिएगा कि उन्होंने क्या कॉन्ट्रिब्यूट किया? वो कोई जवाब नहीं दे पाएंगे।
आप जानती हैं, हमेशा फीमेल सेंट्रिक गालियां दी जाती हैं। मैं जब भी कभी स्कूलों में जाती हूं तो लड़कों से कहती हूं कि आप जो गालियां देते हैं, उसमें किसको पॉइंट आउट करते हैं? आपके घर में भी एक मां है, बहन है।
ये ‘पार्ट ऑफ साइकी’ बन जाता है। आप उसी लेंस से फीमेल को देखने लगते हैं। ये चीजें हमें बंद करानी होंगी। हम उन्हें बताते हैं कि फीमेल इन्फीरियर है, वो सुपीरियर हैं। आज देखेंगे तो बहुत सारी लड़कियां बोर्ड की टॉपर हैं, एग्जाम टॉप करती हैं।

