अब उत्तर कोरिया ने दागीं ताबड़तोड़ 10 मिसाइल्स
North Korea Fired Missile: ईरान वॉर अभी तक समाप्त नहीं हुआ है, पर एक और क्षेत्र में तनाव की आहट ने खलबली मचा दी है. कोरियाई प्रायद्वीप से बड़ी खबर सामने आ रही है. दक्षिण कोरिया का कहना है कि उत्तर कोरिया ने मिसाइल दागी है. ‘अल अरबिया’ की मानें तो नॉर्थ कोरिया ने एक या दो नहीं बल्कि 10 मिसाइलें दागी हैं. उत्तर और दक्षिण केारिया के बीच तनाव नई बात नहीं है. दोनों देशों के बीच संबंध लंबे समय से तल्ख हैं. उत्तर कोरिया को चीन और रूस का करीबी माना जाता है, जबकि साउथ कोरिया अमेरिका का करीबी सहयोगी है. दक्षिण कोरिया में अमेरिकी सैन्य बेस भी स्थित है. किम जॉन्ग उन के देश की तरफ से ऐसे समय में मिसाइल दागी गई है, जब अमेरिका दक्षिण कोरिया से अपने कुछ THAAD मिसाइल डिफेंस सिस्टम को वहां से हटा लिया है. ऐसे में उत्तर कोरिया के कदम से दक्षिण कोरिया की चिंता बढ़ गई है.
रिपोर्ट के अनुसार, नॉर्थ कोरिया ने समंदर की तरफ मिसाइल दागी है. उत्तर कोरिया की तरफ से अक्सर ही समंदर का रुख कर मिसाइल परीक्षण किए जाते रहे हैं. यह कोई पहला मौका नहीं है, जब किम जोंग उन के देश की तरफ से इस तरह की कार्रवाई की गई है. हालांकि, इस बार की टाइमिंग काफी अहम है. पश्चिम एशिया में हालात पहले से ही खराब है. अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त रूप से ईरान पर अटैक कर दिया है. तेहरान की तरफ किए गए पलटवार से माहौल पहले ही तनावपूर्ण और गंभीर हो चुके हैं. ऐसे में उत्तर कोरिया की ओर से मिसाइल दागने से एशिया के एक और जोन में हालात तनावपूर्ण होने की आशंका बढ़ गई है. चीन की आक्रामक नीतियों की वजह से इस क्षेत्र में ऐसे ही तनाव का आलम है.
उत्तर कोरिया ने शनिवार को एक संदिग्ध बैलिस्टिक मिसाइल का प्रक्षेपण किया है. जापान के रक्षा मंत्रालय ने यह जानकारी दी है. ‘निक्केई एशिया’ के अनुसार, सूत्रों का कहना है कि यह मिसाइल संभवतः जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) के बाहर जाकर गिरी. इस प्रक्षेपण के कारण किसी प्रकार के नुकसान की कोई खबर नहीं है. वहीं, दक्षिण कोरिया की सेना ने बताया कि उत्तर कोरिया ने पूर्व दिशा की ओर कम से कम एक अज्ञात प्रक्षेपास्त्र यानी प्रोजेक्टाइल दागा. इससे पहले उत्तर कोरिया ने 27 जनवरी को जापान सागर की ओर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं, जिनके बारे में भी आकलन किया गया था कि वे जापान के ईईजेड के बाहर गिरी थीं.
अमेरिका ने दक्षिण कोरिया में तैनात अपने एंटी-मिसाइल रक्षा सिस्टम के कुछ हिस्सों को मध्य-पूर्व में ट्रांसफर करने का फैसला किया है, जिससे सियोल में चिंता बढ़ गई है. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक यह कदम अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष के बीच उठाया गया है. बताया जा रहा है कि जॉर्डन में THAAD सिस्टम से जुड़ा एक अहम रडार ईरान के हमले में नष्ट हो गया था. यह सिस्टम 2017 में उत्तर कोरिया के परमाणु और मिसाइल खतरे से बचाव के लिए दक्षिण कोरिया में तैनात किया गया था. इस फैसले से दक्षिण कोरिया में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं, जबकि चीन ने इसे क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ाने वाला कदम बताया है.

