प्रयागराज : बदमाश ढेर, STF पर 30 गोलियां चलाईं
प्रयागराज में यूपी STF ने झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर छोटू धनबादिया उर्फ आशीष रंजन को ढेर कर दिया। आशीष रंजन पर 4 लाख रुपए का इनाम था। STF इंस्पेक्टर प्रयागराज जेपी राय ने बताया- आशीष एमपी के रास्ते शंकरगढ़ पहुंचा था।
सर्विलांस से उसकी लोकेशन ट्रेस हुई। शंकरगढ़ के शिवराज चौराहे पर घेराबंदी की गई। यहां बाइक से आशीष रंजन आता हुआ नजर आया। STF ने उसे रोकने की कोशिश की। पुलिस को देख उसने गाड़ी की स्पीड तेज कर ली।
STF ने उसका पीछा किया। कुछ दूर जाकर उसने एके-47 से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। टीम ने क्रॉस फायरिंग की। इसमें गोली आशीष रंजन को लग गई। खून से लथपथ होकर वहीं गिर गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
STF के मुताबिक, 10 मिनट तक मुठभेड़ चली। 46 राउंड फायरिंग हुई। इसमें से 16 राउंड फायरिंग STF ने की। बदमाश के पास से AK-47, पिस्टल और 9MM कारतूस मिले हैं।
5 पॉइंट में जानिए कैसे हुई मुठभेड़
- STF के मुताबिक, टीम को खबर मिली कि झारखंड का मोस्टवांटेड अपराधी आशीष रंजन सिंह उर्फ छोटू अपने साथी के साथ प्रयागराज में बड़ी वारदात को अंजाम देने आ रहा। टीम ने तुरंत उसे पकड़ने की योजना बनाई। शिवराजपुर-प्रतापपुर रोड पर 3 किमी आगे घेराबंदी की। कुछ ही देर में बाइक से दो लोग आते दिखाई दिए।
- मुखबिर ने दूर से टॉर्च और हेडलाइट की रोशनी में पहचान कर बताया कि बाइक चला रहा युवक ही छोटू है। उसकी पीठ पर बैग था। टीम ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन छोटू जंगल की भागने लगा। इसी दौरान उसकी बाइक फिसल गई। दोनों बदमाश गिर गए।
- छोटू ने झोले से AK-47 निकाली और फायरिंग शुरू कर दी। टीम ने सरेंडर करने को कहा, लेकिन वह नहीं माना। 8-10 मिनट तक फायरिंग करता रहा। एक गोली इंस्पेक्टर जयप्रकाश राय के सिर के पास से निकल गई। जवान प्रभंजन, रोहित और अजय भी बाल-बाल बचे।
- इसी बीच, छोटू ने पुलिस को ललकारते हुए कहा- भाग जाओ, मैं पहले भी कई हत्याएं कर चुका हूं, तुमको भी AK-47 से उड़ा दूंगा। आखिरकार पुलिस ने जवाबी फायरिंग की। छोटू गोली लगते ही गिर पड़ा।
- पुलिस ने घायल छोटू को पकड़ लिया। नाम पूछने पर बोला- मैं आशीष रंजन उर्फ छोटू, धनबाद से हूं। उसकी हालत गंभीर थी, उसे बोलेरो से जिला अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। छोटू का साथी अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल मेंं भाग गया।
आशीष रंजन को गोली लगने के बाद एनकाउंटर स्पॉट के वीडियो सामने आए। इसमें दिख रहा कि आशीष रंजन जंगल में पड़ा हुआ है। एसटीएफ का एक जवान कह रहा है कि जल्दी अस्पताल ले चलो, अभी जिंदा है। पास में ही एम्बुलेंस खड़ी नजर आ रही है। आशीष रंजन को एंबुलेंस से नजदीक अस्पताल ले जाती है। वहां डॉक्टर उसे मृत घोषित कर देते हैं।