जन्माष्टमी पर बन रहा दुर्लभ योग: 16 अगस्त रात 12:04 से 12:47 तक श्रीकृष्ण पूजा का शुभ मुहूर्त
बुलंदशहर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की तैयारियां जोरों पर हैं। मंदिरों की सजावट का कार्य तेजी से चल रहा है। जन्माष्टमी 16 और 17 अगस्त को मनाई जाएगी।
आचार्य धीरज कौशिक के अनुसार इस बार जन्माष्टमी विशेष है। इस दिन वृद्धि, सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि योग और ज्वालामुखी योग का संयोग बन रहा है। अष्टमी तिथि 15 अगस्त की रात 11:49 से शुरू होकर 16 अगस्त की रात 09:34 तक रहेगी।
श्रीकृष्ण पूजा का शुभ मुहूर्त 16 अगस्त की रात 12:04 से 12:47 तक है। चंद्र उदय का समय रात्रि 11:32 पर होगा। जन्माष्टमी का पारण 17 अगस्त को सुबह 05:50 के बाद किया जा सकता है।
भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाता है। द्वापर युग में धर्म की रक्षा के लिए भगवान विष्णु ने श्रीकृष्ण के रूप में अवतार लिया था। इस दिन भक्त व्रत रखते हैं और आधी रात तक जागकर जन्मोत्सव मनाते हैं। इस वर्ष जन्माष्टमी पर कई दुर्लभ ग्रह योग बन रहे हैं, जिनसे विशेष फल की प्राप्ति होती है।