दिल्ली में राशन कार्ड की आय सीमा बढ़ी
दिल्ली. दिल्ली सरकार ने खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा फैसला लेते हुए राशन कार्ड की आय सीमा बढ़ाकर 1.20 लाख रुपये वार्षिक कर दी है. इस फैसले के बाद अब राजधानी में अधिक जरूरतमंद परिवार सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत सस्ते राशन के पात्र हो सकेंगे. यह निर्णय दिल्ली कैबिनेट की बैठक में लिया गया.
अब तक राशन कार्ड के लिए पारिवारिक आय की अधिकतम सीमा 1 लाख रुपये सालाना थी, जिसे बढ़ाकर 1.20 लाख रुपये कर दिया गया है. सरकार ने स्पष्ट किया है कि पात्रता के लिए आय प्रमाणपत्र अनिवार्य होगा और स्व-प्रमाणन (Self Declaration) की व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया है.
हालांकि, कुछ श्रेणियों को इस योजना से बाहर रखा गया है. ए से ई श्रेणी की कॉलोनियों में संपत्ति रखने वाले, आयकरदाता, चार पहिया वाहन मालिक, सरकारी कर्मचारी और 2 किलोवाट से अधिक बिजली कनेक्शन वाले परिवार राशन कार्ड के लिए अपात्र माने जाएंगे.
सरकार ने राशन कार्ड आवंटन की प्रक्रिया में भी बड़ा बदलाव किया है. अब ‘पहले आओ-पहले पाओ’ की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है. इसके स्थान पर जिला स्तरीय समितियां प्राथमिकता तय करेंगी, जिनकी अध्यक्षता संबंधित जिले के जिला मजिस्ट्रेट या अपर जिला मजिस्ट्रेट करेंगे. इसके साथ ही 20 प्रतिशत वेटिंग लिस्ट का भी प्रावधान किया गया है.
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, हालिया डेटा वेरिफिकेशन के दौरान 8.27 लाख से अधिक अपात्र या निष्क्रिय लाभार्थियों को सूची से हटाया गया है. वहीं, 3.89 लाख से अधिक आवेदन अभी लंबित हैं और 11.65 लाख से अधिक लोग खाद्य सुरक्षा का लाभ मिलने का इंतजार कर रहे हैं.
सरकार ने कहा है कि हटाए गए अपात्र लाभार्थियों से खाली हुए स्थानों पर पात्र और वास्तव में जरूरतमंद परिवारों को शामिल किया जाएगा. इस फैसले को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक अहम कदम बताया गया है.
दिल्ली कैबिनेट की बैठक में लिए गए फैसले:
• अब 1.20 लाख रुपये तक की वार्षिक पारिवारिक आय वाले परिवारों को मिलेगा राशन कार्ड
• आय प्रमाणपत्र अनिवार्य, स्व-प्रमाणन की व्यवस्था समाप्त
• ए से ई श्रेणी की कॉलोनियों में संपत्ति, आयकरदाता, चार पहिया वाहन मालिक, सरकारी कर्मचारी और 2 किलोवाट से अधिक बिजली कनेक्शन वाले परिवार अपात्र
• ‘पहले आओ–पहले पाओ’ व्यवस्था समाप्त, जिला स्तरीय समितियां तय करेंगी प्राथमिकता
• जिला मजिस्ट्रेट/अपर जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में होगी समिति
• 20 प्रतिशत वेटिंग लिस्ट का भी प्रावधान
• 11.65 लाख से अधिक लोग खाद्य सुरक्षा के इंतजार में

