संभल : मस्जिद खुद तोड़ी, मदरसे पर चला बुलडोजर
संभल में बुलडोजर एक्शन से पहले गांव के लोगों ने खुद ही अवैध मस्जिद तोड़ डाली। रातभर हथौड़े और छेनी से मस्जिद को ढहा दिया। सुबह जब प्रशासन की टीम पहुंची, तो वहां मस्जिद की जगह मलबा पड़ा हुआ था।
यह देखकर तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा- भगवान ने इन लोगों को सद्बुद्धि दी कि इन्होंने खुद-ब-खुद अवैध निर्माण को तोड़ लिया। इसके बाद प्रशासन ने बुलडोजर से 3 घंटे में मलबा हटाया। मस्जिद ऐंचौड़ा कम्बोह थाने के सलेमपुर सलार उर्फ हाजीपुर गांव में 1339 वर्ग मीटर (डेढ़ बीघा) क्षेत्र में बनी थी।
मलबा हटाने के बाद इसी गांव में 500 मीटर दूर टीम मदरसा तोड़ने पहुंची। प्रशासनिक टीम के पहुंचते ही इलाके में हड़कंप मच गया। ढोल पिटवाकर बुलडोजर कार्रवाई को लेकर मुनादी कराई गई।
बुलडोजर को देखकर मदरसे में बैठे लोग बाहर आ गए। इसके बाद तीन बुलडोजरों ने अवैध निर्माण को तोड़ना शुरू कर दिया। डीएम-एसपी और भारी संख्या में फोर्स मौके पर तैनात है। ड्रोन से इलाके की निगरानी की जा रही है।
तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि 14 जून 2018 को लेखपाल ने रिपोर्ट दी थी कि हाजी शमीम ने सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर मस्जिद का निर्माण कराया। इसी रिपोर्ट के आधार पर तहसीलदार न्यायालय में ग्राम सभा बनाम हाजी शमीम मुतवल्ली के नाम से मामला दर्ज कर सुनवाई की गई।
डीएम राजेंद्र पेंसिया और एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई भी मौके पर पहुंचे। ध्वस्त जमीन पर 20 चयनित लाभार्थियों को पट्टे बांटे। डीएम ने बताया- 25 साल पहले इस जमीन पर अवैध कब्जा कर मस्जिद बनाई गई थी। तहसीलदार कोर्ट से पहले ही ध्वस्तीकरण का आदेश हो गया था। पर मस्जिद कमेटी हाईकोर्ट गई थी। हाईकोर्ट ने भी ध्वस्तीकरण आदेश पर सहमति जताई थी।
डीएम ने बताया- आज अवैध निर्माण तोड़ना था, पर बुलडोजर पहुंचने से पहले लोगों ने खुद तोड़ डाली। इस अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कुल मिलाकर 58 लाख का जुर्माना लगाया गया था। जिसमें से मस्जिद के मौलाना (मुतवल्ली) पर 8.78 लाख रुपए का जुर्माना लगा था। इसके बावजूद अवैध निर्माण नहीं हटाया गया। अवैध निर्माण हटाने के लिए एएसपी, 2 तहसीलदार, एक सीओ, 6 कानूनगो और 24 लेखपालों की टीम गठित की गई।
आज नोटिस की आखिरी तारीख थी। आज मस्जिद ढहाई जानी थी, लेकिन जब प्रशासन बुलडोजर लेकर पहुंचा तो देखा कि मस्जिद का अवैध निर्माण पहले ही पूरी तरह से तोड़ा जा चुका है। अब यह जमीनों को पट्टा पर दी जाएगी।

