यूपी में शियाओं का प्रदर्शन, खुद को जंजीरों से मारा, एसटी हसन बोले- होश न खोएं
ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत से नाराज शिया समुदाय यूपी में सड़कों पर उतर आया। जमीयत उलमा-ए-हिंद (M) के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने खामेनेई की मौत पर शोक जताया। कहा कि किसी देश की नेतृत्व व्यवस्था को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय सिद्धांतों और समझौतों के विरुद्ध है। यह दुनिया को बर्बरता की ओर धकेलने जैसा है। रक्तपात किसी भी विवाद का समाधान नहीं हो सकता।
इससे पहले लखनऊ में रविवार रात करीब एक लाख शिया समुदाय के लोगों ने प्रदर्शन किया। छोटा इमामबाड़ा से बड़ा इमामबाड़ा तक कैंडल मार्च निकाला। हाथों में खामेनेई का पोस्टर लेकर अमेरिका-इजराइल मुर्दाबाद के नारे लगाए। सोमवार रात को भी अमेरिका-इजराइल और सऊदी अरब का पुतला फूंंका गया।
बिजनौर और अमरोहा में भी शिया समुदाय ने जुलूस निकाला। मोहर्रम की तरह युवाओं और बच्चों ने खुद को जंजीरों से पीटा। मातम मनाया। प्रयागराज में महिलाओं ने कैंडिल मार्च निकाला।
उधर, प्रदर्शनों पर लखनऊ में भाजपा विधायक राजेश्वर सिंह ने कहा- मैं ईरान संबंधी प्रदर्शनों की निंदा करता हूं। वहीं, मुरादाबाद के सपा नेता एसटी हसन ने कहा- जोश में होश नहीं खोना चाहिए। प्रदर्शनों के बीच पुलिस ने पूरे प्रदेश में हाई अलर्ट जारी किया है। सीएम योगी ने भी रविवार सुबह मीटिंग में अफसरों से सावधानी बरतने को कहा है।
जमीयत उलमा-ए-हिंद (M) के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने खामेनेई की मौत पर शोक जताया। कहा कि अमेरिका और इजराइल की आक्रामक कार्रवाई ने न केवल क्षेत्रीय शांति को गंभीर रूप से प्रभावित किया है, बल्कि वैश्विक स्थिरता को भी बड़े खतरे में डाल दिया है।किसी देश की नेतृत्व व्यवस्था को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय सिद्धांतों और समझौतों के विरुद्ध है। यह दुनिया को बर्बरता की ओर धकेलने के समान है।रक्तपात किसी भी विवाद का समाधान नहीं हो सकता। ऐसी घटनाएं बदले की भावना को जन्म देती हैं। इससे हालात और अधिक विस्फोटक बन जाते हैं। इसका खामियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ता है।

