रोजगार मेला में बेरोजगारी हाय–हाय के नारे लगे, कूड़े में बिखरे मिले बायोडाटा
लखनऊ में यूपी सरकार की ओर से रोजगार महाकुंभ चल रहा है। 3 दिन के मेले में हिस्सा लेने के लिए रात से ही युवा यहां पहुंचने लगे। मंगलवार सुबह तक आयोजन स्थल इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के आसपास करीब 1 लाख युवाओं का जमावड़ा लग गया। 2 किमी एरिया में युवा ही युवा नजर आ रहे थे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा- हमारी सरकार युवाओं को बिना ब्याज, बिना गारंटी के ऋण दे रही है। इसके जरिए 6 महीने के अंदर 70 हजार युवाओं को लाभ दिया जा चुका है। वे स्वयं का रोजगार भी शुरू कर रहे हैं।
वहीं, रोजगार मेले में अव्यवस्थाओं का जबरदस्त आलम है। युवाओं की भीड़ बार-बार बेकाबू हो रही है। लखनऊ के डीएम विशाखजी और पुलिस कमिश्नर अमरेंद्र सेंगर खुद व्यवस्था बनाने में जुटे हैं। युवाओं को बैरिकेडिंग करके अब एक जगह बैठाया जा रहा है।
युवाओं का कहना है कि यहां कोई सुनवाई नहीं है। कोई नौकरी नहीं है, न खाने की व्यवस्था, न पीने की। हम लोग रात से ही यहां आ गए थे। इंतजार में थे कि नौकरी मिलेगी, लेकिन यहां तो कोई सुनवाई ही नहीं हो रही है। वे बेरोजगारी हाय-हाय के नारे लगा रहे हैं। उनका ये भी आरोप है कि उनकी सीवी लेकर उसे कूड़े में फेंक दिया गया।
बेरोजगारों का कहना है कि अव्यवस्था का आलम यह कि हमें किस स्टॉल पर जाना है, यह बताने वाला भी कोई नहीं था। इस स्टॉल से उस स्टॉल भटक रहे हैं। कुछ युवाओं कहा कि जर्मनी में जॉब का ऑफर देकर बुलाया था। अब कह रहे हैं कि दुबई में नौकरी मिलेगी।
रोजगार मेले में करीब 50 हजार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का दावा है कि 100 कंपनियां रोजगार देंगी। इनमें 20 विदेशी कंपनियां भी हैं। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में विभिन्न जिलों से आए कैंडिडेट्स सेवायोजन sewayojan.up.nic.in के जरिए यहां बुलाया गया है। मेला तीन दिन चलेगा।
सरकार का दावा है कि यह यूपी का सबसे बड़ा रोजगार मेला है। इसमें 100 से अधिक देश-विदेश की कंपनियां हायरिंग करेंगी। बेरोजगारों का कहना है कि अव्यवस्था का आलम यह कि हमें किस स्टॉल पर जाना है, यह बताने वाला भी कोई नहीं था। इस स्टॉल से उस स्टॉल भटक रहे हैं। कुछ युवाओं कहा कि जर्मनी में जॉब का ऑफर देकर बुलाया था। अब कह रहे हैं कि दुबई में नौकरी मिलेगी।