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Religion

Surya Grahan 2026 Live: 3:26 PM पर लगा सूर्य ग्रहण, 4:32 घंटे है कुल अवधि

Surya Grahan 2026 Live: साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण आज 3:26 पीएम से लगा है. यह सूर्य ग्रहण 4 घंटे 31 मिनट तक रहेगा. फाल्गुन अमावस्या का सूर्य ग्रहण वलयाकार और शनि की राशि कुंभ में है. आज के दिन परिघ योग और धनिष्ठा नक्षत्र है. आज के सूर्य ग्रहण में चंद्रमा सूर्य को पूर्ण रूप से नहीं ढकेगा, इस वज​​ह से रिंग ऑफ फायर का अद्भुत नजारा दिखाई देगा. विज्ञान के अनुसार सूर्य ग्रहण तक लगता है, जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है. सूर्य ग्रहण के प्रारंभ से 12 घंटे पूर्व सूतक काल लग जाता है और यह ग्रहण के मोक्ष तक रहता है. सूतक काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करते हैं और मंदिरों के कपाट तक बंद कर दिए जाते हैं. सूतक काल में गर्भवती महिलाओं को विशेष रूप से सावधानी बरतनी होती है. नहीं तो सूर्य ग्रहण का अशुभ प्रभाव गर्भ में पल रहे शिशु पर होने की आशंका रहती है. ग्रहण की धार्मिक मान्यता यह है कि राहु और केतु के कारण सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण लगते हैं. आज का सूर्य ग्रहण दोपहर में 3 बजकर 26 मिनट पर लगेगा और शाम को 7 बजकर 57 मिनट पर इसका समापन होगा. आइए लाइव अपडेट में जानते हैं सूर्य ग्रहण के समय, स्थान, मंत्र, मान्यताओं, ज्योतिष उपाय आदि से जुड़ी हर जानकारी.

सूर्य ग्रहण को कभी भी नंगी आंखों से नहीं देखना चाहिए, क्योंकि इससे आंखों की रोशनी को नुकसान हो सकता है. इसे सुरक्षित तरीके से देखने के लिए खास ISO प्रमाणित सोलर व्यूइंग ग्लासेस (Eclipse Glasses) का इस्तेमाल किया जाता है, जो हानिकारक किरणों को रोकते हैं. साधारण सनग्लासेस सुरक्षित नहीं होते. अगर टेलिस्कोप या दूरबीन से देखना हो तो उसमें विशेष सोलर फिल्टर लगा होना जरूरी है. इसके अलावा पिनहोल प्रोजेक्टर जैसी आसान तकनीक से भी सूर्य की छाया को सुरक्षित तरीके से देखा जा सकता है.

आज लगा सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा. इस वज​ह से अपने यहां इसका सूतक काल नहीं लगा है. सूतक काल के नियम और रोक लागू नहीं होंगे. आज के सूर्य ग्रहण में आप शुभ काम कर सकते हैं, लेकिन इसका प्रभाव राशियों पर होगा.

सूर्य ग्रहण के समय में मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं. उस समय भोजन करना, सोना, स्नान करना, खाना बनाना, सूर्य ग्रहण को नंगी आंखों से देखना, पूजा, पाठ या अन्य कोई शुभ कार्य आदि करना मना होता है. इस समय में गर्भवती महिलाओं को नुकीली वस्तुओं जैसे चाकू, सुई, कैंची आदि के उपयोग से बचना चाहिए. घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए. ग्रहण के समय में कुछ बातें बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों पर लागू नहीं होती हैं.

र्य ग्रहण का समापन शाम को 7 बजकर 57 मिनट पर होगा. ऐसे में रात के 4 शुभ चौघड़िया मुहूर्त हैं.

  • पहला मुहूर्त लाभ-उन्नति: 07:48 पी एम से 09:24 पी एम तक रहेगा.
  • दूसरा मुहूर्त शुभ-उत्तम: 10:59 पी एम से 12:35 ए एम, फरवरी 18 तक है.
  • तीसरी मुहूर्त अमृत-सर्वोत्तम: 12:35 ए एम से 02:10 ए एम, फरवरी 18 तक.
  • चौथा मुहूर्त चर-सामान्य: मध्य रात्रि 02:10 ए एम से लेकर कल तड़के 03:46 ए एम तक है.

धार्मिक मान्यता है कि सूर्य ग्रहण राहु और केतु की वजह से होता है. समुद्र मंथन की पौराणिक कथा के अनुसार जब भगवान विष्णु मोहिनी रूप में देवताओं को अमृत का पान करा रहे थे, उनकी पंक्ति में स्वर्भानु नामक राक्षस घुस गया. उसने देवता का रूप धारण कर लिया था, लेकिन उसकी वास्तविकता को चंद्र और सूर्य देव समझ गए थे. विष्णु जी जब स्वर्भानु को अमृत पिलाने गए, तभी सूर्य और चंद्र देव ने उनको बताया कि स्वर्भानु एक राक्षस है. अमृत पान की वजह से स्वर्भानु अमर हो गया. ऐसे में भगवान विष्णु ने चक्र से उसके सिर को काट दिया. इससे उसका सिर राहु और धड़ केतु कहलाया. राहु और केतु अमावस्या को सूर्य का ग्रास करने के लिए आते हैं, इसे वज​​ह से सूर्य ग्रहण लगता है.

आज सूर्य ग्रहण दोपहर में 3:26 बजे से लगेगा, उससे ठीक पहले यानि 3:24 पर राहुकाल लगेगा, जो शाम को 04 बजकर 48 पी एम तक रहेगा. सूतक काल मान्य नहीं है, लेकिन राहुकाल के समय में आप कोई शुभ काम न करें. राहुकाल के अलावा, गुलिक काल 12:35 पी एम से 02:00 पी एम तक है, वहीं आडल योग 09:16 पी एम से कल सुबह 06:57 ए एम तक है. दुर्मुहूर्त का समय रात 11:18 पी एम से लेकर देर रात 12:09 ए एम तक है. इन समयों में कोई शुभ काम न करें.

आज सूर्य ग्रहण अग्नि पंचक में लग रहा है. आज अग्नि पंचक का प्रारंभ सुबह में 9 बजकर 05 मिनट पर हुआ. अग्नि पंचक आज से अगले 5 दिनों तक रहेगा. अग्नि पंचक में आग का भय रहता है, आग लगने की आशंका ज्यादा रहती है, इस वजह से सावधानी बरतने की जरूरत होती है. मंगलवार के दिन शुरू होने वाला पंचक अग्नि पंचक कहलाता है.

यदि आपकी कुंडली में सूर्य दोष है तो आज आपको स्नान के बाद सूर्य देव से जुड़ी वस्तुओं का दान करना चाहिए. आज आप चाहें तो गेहूं, लाल चंदन, केसर, तांबा, लाल रंग कपड़े, लाल फूल, गुड़, सोना, तांबे के बर्तन, सूर्य चालीसा आदि का दान कर सकते हैं. इसके अलावा सूर्य अष्टकम्, आदित्य हृदय स्तोत्र, सूर्य चालीसा आदि का पाठ करें. सूर्य दोष से मुक्ति के लिए सूर्य बीज मंत्र का जाप कर सकते हैं. आज सूर्य ग्रहण कुंभ राशि में लगेगा. सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, लेकिन इसका प्रभाव सभी 12 राशियों पर होगा. आज का सूर्य ग्रहण मेष और वृषभ राशिवालों को सावधान करने वाला है. वृषभ राशिवाले धन संकट में फंस सकते हैं, जबकि मेष वालों को अहंकार से दूर रहना होगा नहीं तो काम खराब होगा. हालांकि कर्क वालों को आज करियर में नए मौके मिल सकते हैं. सिंह वालों को आज कोई बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है.

  1. सूर्य ग्रहण के दुष्प्रभाव से बचने के लिए व्यक्ति को सूर्य के मंत्र ॐ सूर्याय नमः या ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः का जाप करें.
  2. यदि आपने किसी से दीक्षा ली है तो आप सूर्य ग्रहण के समय में उस गुरु मंत्र का जाप कर सकते हैं.
  3. यदि आप भगवान शिव के भक्त हैं तो ओम नम: शिवाय मंत्र का जाप करें. या फिर भगवान विष्णु के भक्त हैं तो ओम नमो भगवते वासुदेवाय का जाप करें.
  4. इसके अलावा आप चाहें तो अपने इष्ट देव के मंत्र का जाप करें. इन मंत्रों का जाप मानसिक तौर पर होता है.

आज सूर्य ग्रहण पर फाल्गुन अमावस्या के साथ भौमवती अमावस्या भी है. आज के दिन वीर हनुमान जी और मंगल देव की पूजा करते हैं. आज का शुभ समय यानि अभिजीत मुहूर्त दोपहर में 12:13 पी एम से 12:58 पी एम तक है. लाभ-उन्नति मुहूर्त 11:11 ए एम से 12:35 पी एम तक और अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त 12:35 पी एम से 02:00 पी एम तक है. आज पूरे दिन परिघ योग बना है. इस योग में आप दुश्मनों के खिलाफ कोई कदम उठाना चाहते हैं तो वह सफलतादायक होगा.

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