बरेली सिटी मजिस्ट्रेट को ले जा रही पुलिस से धक्का-मुक्की, इंस्पेक्टर सड़क पर गिरे
अविमुक्तेश्वरानंद के अपमान के विरोध में इस्तीफा देने वाले बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को पुलिस उनके आवास से लेकर गई। गेट पर मजिस्ट्रेट के 400 समर्थक जुट गए। जैसे ही तीन गाड़ियां बाहर निकलीं, समर्थक गाड़ियों के सामने लेट गए। वे नारेबाजी करने लगे और कुछ लोग कारों पर चढ़ गए। इस दौरान उनकी पुलिस से धक्का-मुक्की भी हुई।
एक इंस्पेक्टर के ऊपर अलंकार का समर्थक गिर पड़ा। दोनों सड़क पर औंधे मुंह गिर गए। इंस्पेक्टर ने वर्दी पर हाथ डालने और स्टार नोचने का आरोप लगाया। हाथापाई की नौबत आ गई। लोगों ने बीच-बचाव कराया।
इस दौरान लोग रोते हुए कह रहे थे कि वह हमारे नायक हैं, उनके साथ नाइंसाफी हो रही है। हम गाड़ी को आगे नहीं बढ़ने देंगे। करीब 10 मिनट तक हंगामा चलता रहा। इसके बाद पुलिस ने समर्थकों को खदेड़ दिया और अधिकारी को लेकर चली गई। ADM सौरभ दुबे ने बताया- सिटी मजिस्ट्रेट को हम लोग उनके घर लेकर जा रहे हैं।
दरअसल, सिटी मजिस्ट्रेट मंगलवार शाम से हाउस अरेस्ट में थे। उनके आवास के बाहर भारी संख्या में पुलिस तैनात थी। बुधवार दोपहर करीब डेढ़ बजे उन्हें लेने के लिए तीन गाड़ियां उनके आवास पर पहुंचीं। इसकी जानकारी मिलते ही मजिस्ट्रेट के समर्थकों की भारी भीड़ जुट गई। लोग प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। 20 मिनट तक अधिकारी अंदर रहे, इसके बाद उन्हें बरेली से बाहर ले जाया गया।
बुधवार सुबह अलंकार अग्निहोत्री ने आवास के गेट के अंदर से दैनिक भास्कर से बात की। उन्होंने कहा-

मुझे घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी जा रही है, लेकिन राज्यभर के कई संगठन संपर्क में हैं। आने वाले समय में हम बड़े फैसले लेंगे। यूजीसी का नया नियम छात्रों को जातियों में बांट देगा। शिक्षण संस्थानों में कलह बढ़ेगी। देश में गृहयुद्ध जैसी स्थिति बनने का खतरा है।

