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ट्रंप की टैरिफ जंग उल्टी पड़ी, F-35 की बिक्री पर संकट

वाशिंगटन/ओटावा: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप टैरिफ के जरिए दुनिया को डराना चाहते हैं. लेकिन टैरिफ अब उनके लिए ही भारी पड़ रही है. दुनिया का सबसे आधुनिक फाइटर जेट F-35 बनाने वाली कंपनी लॉकहीड मार्टिन मुश्किल में है, क्योंकि कई देश इस जेट को खरीदने से मुंह मोड़ रहे हैं. नाटो देश स्पेन ने साफ कर दिया कि वह F-35 नहीं खरीदेगा, स्विट्जरलैंड में इसे रद्द करने की मांग जोर पकड़ रही है, और भारत ने भी अपने तेजस जेट को तरजीह दी है. हालांकि इस बीच कनाडा अमेरिका के लिए संकटमोचक के तौर पर निकल कर आया है. कनाडा ने सबको चौंकाते हुए 88 F-35 जेट्स खरीदने की योजना पर डटकर साथ देने का फैसला किया है.

स्पेन ने F-35 को ठुकराकर यूरोपियन जेट्स यूरोफाइटर टाइफून और फ्यूचर कॉम्बैट एयर सिस्टम (FCAS) को चुन लिया है. स्पेन के रक्षा मंत्रालय ने कहा, ‘हमारा फोकस यूरोपियन कंपनियों जैसे एयरबस, BAE सिस्टम्स और लियोनार्डो पर है.’ ट्रंप ने स्पेन के पीएम पेड्रो सांचेज पर नाटो खर्च को 5% तक बढ़ाने का दबाव डाला था और टैरिफ की धमकी दी थी. ट्रंप की धमकी और टैरिफ ने स्पेन को अमेरिका से दूरी बनाने पर मजबूर कर दिया.

स्विट्जरलैंड में ट्रंप के 39% टैरिफ ने हंगामा मचा दिया है, जो लक्जरी घड़ियों और नेस्प्रेसो कैप्सूल जैसे स्विस सामानों को निशाना बना रहा है. स्विस सांसद बाल्थासर ग्लाटली ने गुस्से में कहा, ‘जो देश हम पर व्यापारिक पत्थर फेंके, उसे तोहफा क्यों दें?’ सांसद सेड्रिक वर्मुथ ने तो F-35 की खरीद रद्द करने के लिए दबाव डालने की मांग की.
भारत ने भी चला स्वदेशी दांव

भारत ने F-35 को ठुकराकर अपने तेजस जेट और अन्य विकल्पों पर ध्यान देना शुरू कर दिया है. डोनाल्ड ट्रंप के भारत पर 25 फीसदी टैरिफ और नीतिगत टकराव ने इस दूरी को और बढ़ाया. कुछ खबरों के मुताबिक, अगर भारत F-35 नहीं खरीदता तो वह रूस के Su-57 जेट की ओर बढ़ सकता है.

कनाडा जेट खरीदेगा

F-35 को लेकर लगातार आती शिकायतों के कारण दुनिया भर के देश इससे दूरी बना रहे हैं. जहां दुनिया F-35 से किनारा कर रही है, वहीं कनाडा ने 88 F-35 जेट्स खरीदने की अपनी योजना पर डटकर समर्थन जताया. 2023 में 14 बिलियन अमेरिकी डॉलर का यह सौदा तय हुआ था. कनाडा के रक्षा मंत्रालय ने कहा, ‘F-35 दुनिया का सबसे आधुनिक जेट है. इसे छोड़कर यूरोपियन जेट लेने से ट्रेनिंग, मेंटेनेंस और सप्लाई में भारी खर्च होगा.’

कनाडा ने पहले 16 जेट्स के लिए फंडिंग की पक्की प्रतिबद्धता जताई है. नए पीएम मार्क कार्नी ने मार्च में इस सौदे की समीक्षा का आदेश दिया था, मगर रक्षा अधिकारियों ने साफ किया कि बाकी 72 जेट्स के लिए भी F-35 ही सबसे अच्छा विकल्प है. कनाडा का कहना है कि यह फैसला अमेरिका के साथ रक्षा सहयोग को मजबूत करेगा और ट्रंप के साथ तनाव कम कर सकता है.

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