मथुरा में कांग्रेस जिलाध्यक्ष और पुलिस में खींचातानी
काशी मणिकर्णिका घाट पर चल रहे काम के दौरान अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त करने के लगाए जा रहे आरोप प्रत्यारोप के बीच शनिवार को मथुरा में कांग्रेस ने प्रदर्शन किया।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश धनगर के नेतृत्व में पार्टी के नेता दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास का घेराव करने के लिए जाने से पहले डैंपियर नगर में एकत्रित हुए। जहां पुलिस ने उनको आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और पुलिस में जमकर खींचातानी हुई।
डैंपियर नगर में एकत्रित हुए कांग्रेस नेता
कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मुकेश धनगर के नेतृत्व में शनिवार को डैंपियर नगर स्थित अहिल्याबाई होलकर पार्क में एकत्रित हुए। यहां कांग्रेस नेताओं ने अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा का पूजन किया। इसके बाद वह दिल्ली जाने के लिए प्रस्थान करने लगे। इसी दौरान वहां पुलिस पहुंच गई और उनको आगे बढ़ने से रोकने लगे।
रस्सी लगाकर रोका पुलिस ने
कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता प्रधानमंत्री के आवास का घेराव करने के लिए जैसे ही मथुरा के डैंपियर नगर स्थित अहिल्या बाई होलकर पार्क से आगे बढ़े सिटी सर्किल की पुलिस वहां पहुंच गई और कार्यकर्ताओं को रस्सी लगाकर रोकने का प्रयास किया। कांग्रेस के कार्यकर्ता रस्सी से नहीं रुके तो दोनों तरफ से खींचतान होने लगी।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष के फटे कपड़े
प्रदर्शन के दौरान पुलिस के साथ हुई खींचतान के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश धनगर के कपड़े फट गए। इसके बाद भी जब कांग्रेस नेता और धनगर समाज के लोग नहीं रुके तो पुलिस ने महामंत्री रूपेश,विधानसभा उपाध्यक्ष जीतू और धनगर समाज के सुरेश बाबा को हिरासत में ले लिया। इसके बाद कांग्रेस जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में प्रदर्शन कर रहे लोग अहिल्या बाई होलकर पार्क में ही धरने पर बैठ गए।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष बोले- पुलिस ने हमारे किस तरह बदसलूकी की। हमको धमकाने का काम किया। हमारे साथ मारपीट की। हमें गंदी-गंदी गालियां दीं। हम पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। हम इस पर जनहित याचिका दायर करेंगे। किसके कहने पर ये सब कर रहे हैं।
हमने कौन सा गुनाह किया, हम पूछना चाहते हैं। क्या हम अपराधी है। मथुरा में तो एक से बढ़कर एक गुदें-मवाली खुलेआम घूम रहे हैं। कौन है वो लोग। क्यों नहीं पकड़े गए। उनको आप प्रणाम करते हैं।
हम भगत सिंह और सुभाष चंद्र के अगुवाई हैं। हंसते-हंसते हम फांसी पर झूल जाएंगे। चढ़ा दीजे हमें फांसी पर। हम कह रहे हैं। भेज दीजे हमें जेल। हम जेल में भी ऐसे ही बैठे रहेंगे।
अहिल्याबाई होल्कर भगवान शिव की अनन्य भक्त थीं। हम चाहते हैं कि इस मामले की सीबीआई जांच हो। और जिनने ये कार्यवाही की है, उन पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
वो गोरक्षपीठ के महंत है। संत है। हम उनका सम्मान करते हैं। लेकिन उनको भी शर्म आनी चाहिए कि एक संत को इतना बड़ा झूठ नहीं बोलना चाहिए। उनको माफी मांगनी पड़ेगी।

