उमाशंकर सिंह: BSP के इकलौते विधायक, घर पड़ी रेड
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की रसड़ा विधानसभा सीट से बसपा विधायक उमाशंकर सिंह इन दिनों कैंसर जैसी बीमारी से पीड़ित हैं. वह काफी से समय बीमार चल रहे हैं, जिसकी वजह से वो बसपा की बैठकों और विधानसभा सत्र से दूरी बनाए हुए हैं. हालांकि, इस बार वे किसी राजनीति की वजह से चर्चाओं में नहीं आए हैं. बल्कि उनके आवास पर आयकर विभाग द्वारा रेड डालने की वजह से सुर्खियों में छाए हुए हैं. यह छापेमारी ऐसे समय में की गई है, जब विधायक उमाशंकर अपने आवास पर आइसोलेशन में रह रहे हैं. आइए जानते हैं आखिर कौन हैं उमाशंकर, कैसा है मायावती से रिश्ता, आखिर क्यों आयकर विभाग ने छापेमारी की… सबकुछ.
कौन है उमाशंकर सिंह?
उमाशंकर बलिया के रसड़ा विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं. वो 2012, 2017, 2022 में जीत दर्ज कर चुके हैं. वे ठेकेदार भी हैं और संपत्ति के मामले में उनका नाम प्रदेश के टॉप विधायकों में आता है. उमाशंकर सिंह पहली बार बसपा के टिकट पर 2012 में रसड़ा विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गये थे. 2017 में भी बसपा ने उन्हें टिकट दिया और इस बार भाजपा की लहर होने के बाद भी जीतने में कामयाब रहे थे. उत्तर प्रदेश के दूसरे छोर पर स्थित बलिया में उनकी अच्छी पैठ है. 2012 में जब वे विधायक चुने गये तब उनके खिलाफ एडवोकेट सुभाष चंद्र सिंह ने 18 दिसंबर, 2013 को शपथ पत्र देकर लोकायुक्त संगठन में शिकायत की, की कि वे विधायक होने के बाद भी लोक निर्माण विभाग से सरकारी ठेके लेकर सड़क निर्माण का कार्य कर रहे हैं. मामले की जांच तत्कालीन लोकायुक्त न्यायमूर्ति एनके मेहरोत्रा ने की. जांच में उमा शंकर दोषी पाए गये थे. राज्यपाल ने उमाशंकर सिंह के खिलाफ लगे आरोपों को सही पाते हुये 29 जनवरी, 2015 को उन्हें विधान सभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित कर दिया था. इस फैसले के खिलाफ उमाशंकर हाईकोर्ट गए, पर 28 मई 2016 को हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग को प्रकरण में खुद जांच कर राज्यपाल को अवगत कराने का आदेश दिया. इसके बाद 14 जनवरी 2017 को उनकी विधायकी खत्म कर दी गई थी. इसी साल विधानसभा चुनाव होते हैं और वे बसपा से एक बार फिर विधायक चुने गए थे.
मायावती के बेहद करीबी
फिलहाल, लंबे समय से बीमार चल रहे उमा शंकर सिंह बसपा के इकलौते विधायक हैं. उन्हें मायावती का बेहद करीबी माना जाता है. उमा शंकर सिंह बलिया के सबसे प्रसिद्ध राजनेताओं में से एक हैं. यूपी पूर्वी क्षेत्र में सबसे ज़्यादा फॉलो किए जाने वाले राजनेता हैं. लोग उन्हें प्यार करते हैं और उन्हें गरीबों का मसीहा भी कहा जाता है. बताया जाता है कि उन्होंने समाज के लिए बहुत योगदान दिया है. फरवरी 2016 में उन्होंने 351 हिंदू, मुस्लिम लोगों का सामूहिक विवाह आयोजित किया, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है. यही वजह है कि जब बसपा के बड़े से बड़े नेता 2022 में अपनी विधायकी बचाने में नाकामयाब हो गए थे, तब उमा शंकर ने जीत दर्ज कर बसपा की लाज को बचा लिया था.
उमाशंकर सिंह के घर पर आज सुबह-सुबह आयकर विभाग का छापा पड़ा. बुधवार सुबह 7 बजे 50 से ज्यादा अफसर गाड़ियों से विधायक के गोमती नगर स्थित आवास पहुंचे. लखनऊ पुलिस भी साथ रही. आयकर टीम ने विधायक के आवास को घेर लिया. साथ ही किसी के भी अंदर या बाहर जाने पर रोक लगा दी. अफसर विधायक के आवास के अंदर फाइलें, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और रिकॉर्ड खंगाल रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक, आयकर विभाग वित्तीय लेन-देन और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रहा है.. हालांकि, विभाग की ओर से अभी कोई जानकारी नहीं दी गई है. आयकर विभाग की इस कार्रवाई से राजनीतिक हलकों में हलचल है. यूपी में अगले साल विधानसभा चुनाव भी होने हैं.

