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UP को 2 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर मिले: 75 जिले में गर्ल्स हॉस्टल बनेंगे

केंद्र सरकार के बजट- 2026 में यूपी को कई सौगातें मिली हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वाराणसी में पानी के जहाजों की मरम्मत के लिए पोर्ट बनाने का ऐलान किया। इसके अलावा, प्रदेश को 1,500 किमी के 2 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर मिले हैं।

पहला कॉरिडोर– दिल्ली से वाराणसी के बीच होगा। दूसरा– वाराणसी से सिलीगुड़ी (पश्चिमी बंगाल) के बीच बनेगा। जिला अस्पतालों की क्षमता 50 प्रतिशत बढ़ाई जाएगी। सभी जिलों में इमरजेंसी और ट्रामा सेंटर खुलेंगे।

प्रदेश के सभी 75 जिलों में एक-एक गर्ल्स हॉस्टल बनाया जाएगा। 5 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों के इंफ्रास्ट्रक्चर को 12.2 लाख करोड़ से डेवलप किया जाएगा। इस कैटेगरी में लखनऊ, अयोध्या, गोरखपुर समेत 25 शहर आएंगे। छोटे तीर्थ स्थलों को भी विकसित किया जाएगा।

50 स्टेशनों को अमृत भारत स्टेशन के तौर पर विकसित किया जाएगा। केंद्र ने सेमीकंडक्टर 2.0 की शुरुआत की है। नोएडा में सेमीकंडक्टर पार्क बन रहा है। प्रदेश को इसका फायदा होगा। एक्सपर्ट का कहना है कि नोएडा में हजारों रोजगार के अवसर विकसित होंगे।

बजट में काशी पर खास फोकस किया गया है। जहां, काशी से दो कॉरिडोर शुरू होंगे। वहीं, पोर्ट भी बनाया जाएगा। इसके असर की बात करें तो पोर्ट बनने से 2 से 3 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। गंगा में जल परिवहन को बढ़ावा मिलेगा। माल ढुलाई सस्ती होगी। हैंडलूम, लकड़ी के सामान को बाहर भेजने में मदद मिलेगी।

वहीं, हाईस्पीड रेल कॉरिडोर ऐसी रेलवे लाइन होती है, जिस पर ट्रेनें 300–350 किमी/घंटा की रफ्तार से चल सकेंगी। यह कॉरिडोर मथुरा–आगरा–लखनऊ होते हुए वाराणसी पहुंचेगा। हालांकि, इसे बनने में 15 साल लगेंगे। इससे कई तरह के फायदे होंगे—

  • कम यात्रा समय में दिल्ली से वाराणसी की यात्रा में वक्त बचेगा। 4 से 5 घंटे में यात्रा हो सकेगी, जबकि अभी 11 से 12 घंटे लगते हैं।
  • आर्थिक विकास को रफ्तार मिलेगी। व्यापार, पर्यटन और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
  • सड़क और हवाई यातायात पर दबाव कम होगा, जिससे प्रदूषण घटेगा।
  • हाईस्पीड रेल स्टेशनों के आसपास नई टाउनशिप और बुनियादी ढांचे विकसित होंगे।

यूपी में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में माना जा रहा था कि पिछली बार बिहार की तरह यूपी पर खास फोकस होगा। हालांकि, एक्सपर्ट का कहना है कि यूपी के लिहाज से सीतारमण के बजट को चुनावी साल का बजट नहीं कहा जा सकता है। अगर पिछले बजट की बात की जाए तो यूपी को केंद्रीय करों में हिस्सेदारी के तौर पर 2.55 लाख करोड़ और बाद में 38 हजार करोड़ रुपए मिले थे। इस तरह यूपी को कुल 2.93 लाख करोड़ रुपए मिले थे।

बजट पर किसने क्या कहा, पढ़िए-

  • सीएम योगी ने कहा- यह आशा और आकांक्षाओं का बजट है। यह देश की अर्थव्यवस्था को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए मददगार साबित होगा। आयुष और स्वास्थ्य क्षेत्र पर जोर दिया गया है। नौजवानों को हर क्षेत्र में अवसर मिलेंगे।
  • अखिलेश यादव ने बजट पर तंज कसा। कहा- यह समझ से बाहर का बजट है। सिर्फ सपने दिखाने वाला बजट है। जिन्होंने अपने पुराने घोषणा पत्र पर काम नहीं किया हो, उनसे क्या उम्मीद करोगे। भाजपा से जब उम्मीद नहीं, तो बजट से क्या उम्मीद करेंगे।
  • डिंपल यादव ने कहा- बजट में कुछ नहीं है। पहले परिवार एक साथ बजट देखता था कि हमारे लिए क्या है। इस बजट में महिलाओं और युवाओं के लिए कुछ खास नहीं है।
  • पूर्व एमएलसी दीपक सिंह ने कहा, “कांग्रेस के बजट में चाय बेचने वाला भी प्रधानमंत्री बन सकता था, लेकिन भाजपा के बजट में पढ़े-लिखे युवा चाय बेचने को मजबूर हो रहे हैं।

मंत्री खन्ना बोले- बजट यूपी के विकास को नई दिशा देगा

  • यूपी के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा- यह बजट उत्तर प्रदेश के समग्र, संतुलित और तेज विकास को नई दिशा देने वाला है। बजट में पूंजीगत व्यय में वृद्धि से उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेस-वे, औद्योगिक कॉरिडोर, लॉजिस्टिक्स हब, रेलवे और शहरी आधारभूत ढांचे के विकास को गति मिलेगी, जिससे निवेश के नए द्वार खुलेंगे।
  • उन्होंने कहा- औद्योगिक प्रोत्साहन और एमएसएमई समर्थन से प्रदेश में छोटे और मध्यम उद्योगों को मजबूती मिलेगी, जिससे स्थानीय रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे। कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए बजट में 20 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है जिससे खराब एयर क्वालिटी इंडेक्स वाले शहरों को राहत मिलेगी। यह बजट उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को और मजबूत आधार प्रदान करेगा।

सीएम योगी ने केंद्रीय बजट 2026 कहा- आशा और आकांक्षाओं का प्रतीक ये बजट है। इसमें नए भारत और विकसित भारत की संकल्पना की दृष्टि स्पष्ट दिखाई देती है। आयुष और स्वास्थ्य क्षेत्र पर जोर देना, महिलाओं के लिए हर जनपद में छात्रावास के निर्माण की व्यवस्था, नौजवानों के लिए हर क्षेत्र में अवसर के साथ-साथ अलग-अलग क्षेत्र में रिफॉर्म का बजट पेश किया गया है। भारत की अर्थव्यवस्था को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए ये बजट मददगार साबित होगा।

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