UP : लड़कियों को शादी के लिए अब 1 लाख मिलेंगे: 3 यूनिवर्सिटी खुलेंगी, 400 करोड़ की स्कूटी बांटेंगे
योगी सरकार ने चुनाव से पहले अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया। 9 लाख 12 हजार करोड़ का ये बजट पिछले साल से 12% ज्यादा है। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, महिलाओं, इंफ्रास्टक्चर पर खास फोकस किया गया। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने 43 हजार करोड़ रुपए की नई योजनाएं शुरू करने का ऐलान किया।
अब बेटियों की शादी के लिए 51 हजार की जगह 1 लाख रुपए दिए जाएंगे। 10 लाख युवाओं को रोजगार दिए जाएंगे। प्रदेश में 60 मेडिकल कॉलेज हैं, 14 नए और खोले जाएंगे। 3 यूनिवर्सिटीज को भी शुरू किया जाएगा। केंद्र की तरह ही राज्य सरकार 7 शहरों को स्मार्ट सिटी डेवलप करेगी।
मेधावी छात्राओं को 400 करोड़ रुपए से स्कूटी बांटी जाएंगी। वहीं, मध्यम वर्ग को घर दिलाने के लिए उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद नई न्यू रेजीडेंशियल स्कीम लॉन्च करेगी। 34 हजार करोड़ रुपए से नार्थ-ईस्ट कॉरिडोर बनाया जाएगा। गोरखपुर से लेकर नेपाल बॉर्डर होते हुए सहारनपुर तक जाएगा। जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट में अब 2 की बजाय अब 5 रनवे बनेगा।
योगी सरकार ने बजट का 25% इंफ्रास्टक्चर को दिया है। वहीं, कृषि को 12%, उच्च से लेकर बेसिक एजुकेशन को 12.50 से 15% तक, जबकि हेल्थ को 6-8% अमाउंट दिया गया है। सीएम युवा उद्यमी योजना के तहत पांच लाख रुपए तक का ऋण बिना ब्याज, बिना गारंटी मिलेगा।
सरकार ने एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए 225 करोड़ रुपए दिए हैं। अयोध्या और नैमिषारण्य के विकास के लिए 100-100 करोड़ रुपए दिए जाएंगे। इसके अलावा, मेरठ, मथुरा-वृंदावन और कानपुर विकास प्राधिकरण के विकास के लिए 800 करोड़ रुपए दिया जाएगा।
छात्रों को फ्री टैबलेट और स्मार्ट फोन के लिए 2374 करोड़ रुपए बांटे जाएंगे। छुट्टा गोवंश के रख-रखाव के लिए 2000 करोड़ रूपए का बजट प्रस्तावित है। यह योगी सरकार का 10वां बजट है। सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 8.7 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का बजट पेश किया था।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने बजट पर कहा “यह जनता को भ्रमित करने वाला बजट है। योगी जी ने इससे पहले जो बजट प्रस्तुत किया, 9-9 महीने से किसी विभाग में पैसे ही नहीं गए हैं।
मैं यूपी सरकार से मांग करता हूं कि तत्काल इस पर श्वेत पत्र जारी करें और बताएं किस समय आपने कितने पैसे अलॉट किए थे। कितने खर्च हुए और किस विभाग के कितने पैसे बचे हैं।
अखिलेश यादव ने कहा, जब एफआईआर ही नहीं दर्ज होगी तो आंकड़े अपने आप नीचे आ जाएंगे। पहले पुलिस और अपराधी दो टीम होती थी, अब बीजेपी के भ्रष्टाचार की वजह से पुलिस और अपराधी एक टीम में आ गए हैं। भाजपा इसकी कैप्टन है।
अगर 50 लाख करोड़ के एमओयू साइन हुए तो उसमें कितनी जमीन पर उतरे और जमीन पर कितना निवेश हुआ। अगर हम खबरों को देखें तो समझ आता है कि महज 1 लाख करोड़ के एमओयू ही जमीन पर उतर सके। यह तो सोचने वाली बात है।
मुख्यमंत्री को पता ही नहीं कि मेट्रो क्या होती है, इसलिए गोरखपुर में सब बना लिया लेकिन मेट्रो नहीं बनाया। झांसी में वादा करके चले गए। लखनऊ में जितना हमने बनाकर छोड़ा था, उतना ही आज तक है। गोरखपुर में इन्होंने लिंक एक्सप्रेसवे बनाया, 91 किलोमीटर बनाने में 7 हजार करोड़ रुपए खर्च किए। ग्रीन कॉरिडोर में भी 60 किलोमीटर बनाने में 7 हजार करोड़ रुपए खर्च कर दिए।
मुख्यमंत्री के कयामत वाले बयान पर अखिलेश यादव ने गाना चलवाया। जिसके बोल थे- हम इंतजार करेंगे, तेरा कयामत तक खुदा करे कि कयामत हो और तू आए..।

