यूपी के छात्रों को UK में पढ़ने का मौका
लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार की आज, गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में शिक्षा, जल आपूर्ति और आर्थिक विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. खासतौर पर निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना और प्रदेश के मेधावी छात्रों के लिए छात्रवृत्ति योजना को हरी झंडी दी गई है. आइए जानते हैं
मुजफ्फरनगर में वेदांता विश्वविद्यालय को आशय पत्र जारी
कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 के तहत मुजफ्फरनगर में वेदांता विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए प्रायोजक संस्था लाला फतेह चंद चैरिटेबल ट्रस्ट को आशय पत्र जारी करने की अनुमति दी है. यह विश्वविद्यालय ग्राम हुसैनपुर योपाडा, तहसील खतौली में लगभग 23.33 एकड़ जमीन पर बनेगा. उच्च स्तरीय समिति ने इसे मंजूरी दी है, जो विश्वविद्यालय के निर्माण की प्रक्रिया का पहला कदम है.
के.डी. विश्वविद्यालय, मथुरा को प्राधिकार पत्र देने का प्रस्ताव
मथुरा में प्रायोजक संस्था राजीव मोरियन एकेडेमिक वेलफेयर सोसाइटी द्वारा प्रस्तावित के.डी. विश्वविद्यालय को भी कैबिनेट ने स्वीकृति दी है. यह विश्वविद्यालय ग्राम अबरपुर, तहसील छाता में 10.54 एकड़ भूमि पर स्थापित किया जाएगा. इसके लिए संबंधित अधिनियम में संशोधन भी किया जाएगा.
बाराबंकी में बोधिसत्व चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा प्रस्तावित बोधिसत्व विश्वविद्यालय को भी मंजूरी मिली है. यह विश्वविद्यालय ग्राम मदिया परगना देवां, तहसील नवाबगंज में 25.31 एकड़ भूमि पर बनेगा. इस प्रस्ताव के तहत विशेष अध्यादेश लाकर विश्वविद्यालय की स्थापना की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.
उत्तर प्रदेश सरकार ने ब्रिटेन की The Foreign Commonwealth and Development Office (FCDO) के सहयोग से अटल बिहारी वाजपेयी-चिवनिंग छात्रवृत्ति योजना को मंजूरी दी है. इस योजना के तहत हर साल 5 मेधावी छात्रों को यूके के मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों में मास्टर डिग्री के लिए छात्रवृत्ति मिलेगी. छात्रवृत्ति में ट्यूशन फीस, परीक्षा एवं शोध शुल्क, रहने का भत्ता और वापसी के लिए इकोनॉमी क्लास फ्लाइट टिकट शामिल होगा. योजना का कार्यान्वयन शैक्षणिक सत्र 2025-26 से शुरू होकर अगले तीन वर्षों तक जारी रहेगा. प्रति छात्र लगभग 38,000 से 42,000 पाउंड का खर्च आएगा, जिसमें से आधा खर्च यूपी सरकार और बाकी UK की संस्था वहन करेगी.
प्रदेश के 62 जनपदों में असफल हो चुके 1750 सरकारी नलकूपों का पुनर्निर्माण किया जाएगा, जिससे करीब 2.4 लाख लघु और सीमांत किसानों को फायदा मिलेगा. वित्त विभाग के प्रस्ताव के तहत FRBM एक्ट में संशोधन को मंजूरी दी गई है. प्रदेश में फुटवेयर, लेदर और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों के विकास के लिए नई नीतियां लागू की जाएंगी.