Waqf Meaning in Hindi: हिंदी में वक्फ का क्या है मतलब, कहां से आया ये शब्द
Waqf Bill: केंद्र सरकार लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पेश कर रही है. इस बिल पर सत्ता पक्ष और विपक्ष बिल्कुल आमने-सामने है. मुस्लिम समुदाय का एक बड़ा वर्ग इस बिल का विरोध कर रहा है. वहीं सरकार का तर्क है कि वक्फ की संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन और गरीब मुस्लिम समुदाय को इसका लाभ पहुंचाने के लिए यह कानून बनाया जा रहा है. इस कारण वक्फ शब्द खूब चर्चा में है. ऐसे में सवाल है कि आखिर वक्फ शब्द का मतलब क्या होता है?
दरअसल, वक्फ एक अरबी शब्द है, जिसका हिंदी में मतलब होता है ‘रोकना’ या ‘समर्पण करना’. धार्मिक और सामाजिक संदर्भ में वक्फ का अर्थ है किसी संपत्ति को स्थायी रूप से किसी नेक काम के लिए समर्पित कर देना, ताकि उसका लाभ समाज को मिले. यह इस्लामिक कानून का एक अहम हिस्सा है, जिसमें कोई व्यक्ति अपनी जमीन, इमारत या दूसरी संपत्ति को अल्लाह के नाम पर दान कर देता है. इस संपत्ति को बेचा, हस्तांतरित या निजी इस्तेमाल में नहीं लिया जा सकता. इसका मकसद गरीबों की मदद, शिक्षा, स्वास्थ्य या धार्मिक कार्यों के लिए संसाधन उपलब्ध कराना होता है.
हिंदी में इसे ‘वक्फ संपत्ति’ या ‘समर्पित संपत्ति’ या फिर ‘दान की संपत्ति’ भी कहा जा सकता है. उदाहरण के लिए, अगर कोई अपनी जमीन मस्जिद, मदरसा या अनाथालय के लिए दान करता है, तो वह वक्फ हो जाती है. इसी वक्फ की देखरेख के लिए वक्फ बोर्ड बनाया गया है. भारत में ये बोर्ड राज्य स्तर पर काम करते हैं. वक्फ बोर्ड का काम इन संपत्तियों का प्रबंधन करना और यह सुनिश्चित करना है कि इनका इस्तेमाल उसी मकसद के लिए हो, जिसके लिए इन्हें दान किया गया था. वक्फ की शुरुआत इस्लाम के शुरुआती दिनों में हुई. पैगंबर मुहम्मद के समय से ही यह प्रथा चली आ रही है. इसका मकसद समाज में बराबरी लाना और जरूरतमंदों की मदद करना था. भारत में वक्फ संपत्तियों की संख्या बहुत ज्यादा है. मस्जिदें, कब्रिस्तान, स्कूल और अस्पताल जैसी जगहें इसके उदाहरण हैं. एक अनुमान के मुताबिक भारत में करीब 6 लाख एकड़ जमीन वक्फ के तहत है, जो इसे दुनिया में सबसे बड़ी वक्फ संपत्तियों वाले देशों में से एक बनाती है.
वक्फ दो तरह का होते हैं- सार्वजनिक और निजी. सार्वजनिक वक्फ में संपत्ति पूरे समुदाय के लिए होती है, जैसे मस्जिद या स्कूल. निजी वक्फ में यह किसी परिवार या खास लोगों के लिए होती है, लेकिन इसका लाभ भी अंततः समाज को ही मिलता है. दोनों ही मामलों में संपत्ति को निजी मालिकाना हक से अलग कर दिया जाता है. भारत में वक्फ संपत्तियों को लेकर कई विवाद भी रहे हैं. कुछ लोग कहते हैं कि इनका सही प्रबंधन नहीं हो रहा और कई जगहों पर अतिक्रमण या गलत इस्तेमाल की शिकायतें हैं. वक्फ संशोधन विधेयक इसी दिशा में एक कदम है, जिसका मकसद पारदर्शिता लाना बताया जा रहा है. लेकिन मुस्लिम संगठन इसे अपने अधिकारों पर हमला मानते हैं. उनका कहना है कि इससे वक्फ की मूल भावना को नुकसान पहुंचेगा.