शिवानी ने वीडियो बनाया तो मां ने मारा चाकू, अब मिलियन व्यूज
‘मैंने वीडियो बनाना शुरू किया तो गांव के लोग कहते पिता और भाई नहीं हैं, अब नाक कटवाएगी। मम्मी ने यह सब सुनकर कहा- वीडियो मत बनाओ। मैंने कुछ दिन बाद एक वीडियो बनाया, मेरी मम्मी ने मेरे पेट में चाकू मार दिया। मेरे बाल उखाड़े और घर छोड़कर चली गई। स्टेशन पर रहने लगीं। मैं उन्हें मनाने जाती तो वह आती नहीं। किसी तरह से वापस घर आईं।’
ये दर्द यू-ट्यूबर शिवानी कुमारी के हैं और यह घटना 5 साल पहले की है। उनका वीडियो बनाना तब किसी को पसंद नहीं था। लेकिन 5 साल बाद अब स्थिति बदल गई। जो लोग ताना मारते थे, अब साथ फोटो खिंचवाते हैं। न सिर्फ आसपास, बल्कि दुनिया के दूसरे देशों तक नाम पहुंच गया। यूट्यूब पर शिवानी को 100 करोड़ से ज्यादा लोग देख चुके हैं। 34 लाख फॉलोअर्स हैं। इंस्टाग्राम पर 72 लाख फॉलोअर हैं। दर्जनों ऐसे वीडियो हैं, जिनको 5-5 करोड़ लोगों ने देखा है।
जिस शिवानी के पास एक समय चप्पल खरीदने के पैसे नहीं थे, वह आज करोड़पति है। यह सब कैसे हुआ? कहां जन्म हुआ, क्या परिस्थिति थी, कैसे हलो फ्रैंडा शब्द वायरल हो गया? ऐसे ही तमाम सवालों के साथ भास्कर की टीम शिवानी कुमारी से मिली और बात की
यूपी में एक जिला है औरैया। साल 1997 में इटावा जिले को तोड़कर इसे बनाया गया था। इसी जिले के एक गांव अरियारी में 2003 में मजदूर राम सनेही की पत्नी उर्मिला ने एक बेटी को जन्म दिया। बेटी के जन्म होते ही घर में मातम छा गया। क्योंकि उर्मिला की तीन और बेटियां थीं, सबको उम्मीद थी कि इस बार बेटा होगा, जो परिवार को आगे बढ़ाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। बच्ची का नाम रखा गया शिवानी कुमारी। शिवानी जब 15 दिन की थी तो उर्मिला ने उसे भैंस का गाढ़ा दूध पिला दिया। शिवानी मरते-मरते बची।
हमने शिवानी से पूछा- क्या मां आपको मारना चाहती थीं? शिवानी कहती हैं, मारना तो नहीं, लेकिन बचाना भी नहीं चाहती थीं। वह सोचती थीं कि क्या ही करेंगे इसका। तीन बेटियां तो पहले से ही हैं। बदकिस्मती से हम पैदा हुए और फिर उसी हिसाब से पालन-पोषण हुआ। 1 साल की थी, तभी पापा की मौत हो गई। मम्मी को लगा कि ये तो अपशगुन है, पापा को भी खा गई। जैसे-तैसे बड़े हुए और प्राइमरी स्कूल में पढ़ने जाने लगे।
शिवानी से हमने पूछा- आप अपने परिवार के बारे में बताइए। वह कहती हैं, मेरे से बड़ी तीन और बहने हैं। पहली दीदी ने तो कुछ पढ़ाई की, लेकिन बाकी की दोनों बहनें कभी स्कूल नहीं गईं। सभी दूसरे के खेतों में काम करतीं या फिर कुछ और मजदूरी करती थीं। मम्मी भी यही करतीं और पैसा जोड़कर किसी तरह से तीनों बहनों की शादी कर दी। जिसके पिता या फिर कोई भाई न हो तो उसपर गांव के लोग गलत नजर डालते हैं।
पहली बार वीडियो कब बनाया? इस सवाल के जवाब में वह कहती हैं, 2018 की बात है, मेरी बड़ी दीदी और उनके बच्चे भी घर पर ही थे। परिवार में किसी के पास चप्पल नहीं थी। मैंने मजदूरी करके 150 रुपए जुटाए थे, परिवार के बच्चों को लेकर बाजार गई और वहां घर के लिए 5 जोड़ी चप्पल लेकर आई। वह बहुत खुशी का दिन था, इसलिए मैंने फोन निकाला और एक वीडियो बनाने लगी, उस वीडियो में मैं ‘हेलो फ्रेंड’ कहना चाहती थी, लेकिन गलती से हलो फ्रैंडा हो गया, वीडियो को उस वक्त टिकटॉक पर डाल दिया। वह वीडियो बहुत वायरल हो गया।
शिवानी का हलो फ्रैंडा वाला वीडियो वायरल हुआ तो अगले दिन कई लड़के पहुंच गए। उर्मिला देवी को अजीब लगा तो उन्होंने पूछा। लड़कों ने कहा कि हमको शिवानी के साथ फोटो लेना है। इस बात से उर्मिला भड़क गईं। क्योंकि गांव के लोग भी कहने लगे कि यह लड़की हाथ से निकल गई। शिवानी बाहर आई तो देखकर चौक गई, क्योंकि उन्होंने आज तक देखा था कि लोग हीरो-हिरोइन के साथ ही फोटो खिंचवाते हैं, आज उनके साथ फोटो खिंचवाने के लिए आ गए।