होलाष्टक कब से लगेगा? इसमें क्यों नहीं होते हैं कोई शुभ कार्य
होलाष्टक का प्रारंभ फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि से होता है. होलाष्टक अष्टमी से शुरू होकर पूर्णिमा तक चलता है. होलाष्टक की इन 8 तिथियों में कोई भी शुभ कार्य नहीं करते हैं. अगर कोई गलती से भी होलाष्टक में शुभ कार्य करता है तो उसमें विघ्न और बाधाएं आती हैं. उसके परिणाम अशुभ फलदायी होते हैं पंचांग के अनुसार, होलाष्टक प्रारंभ की तिथि यानि फाल्गुन शुक्ल अष्टमी तिथि 24 फरवरी दिन मंगलवार को प्रात:काल 7 बजकर 01 मिनट से शुरू होगी. इस तिथि का समापन 25 फरवरी दिन बुधवार को प्रात:काल में 4 बजकर 51 मिनट पर होगा. उदयातिथि के आधार पर होलाष्टक 24 फरवरी मंगलवार से शुरू है.
इस साल होलाष्टक का समापन फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को होगा. पंचांग के अनुसार, फाल्गुन पूर्णिमा तिथि 2 मार्च दिन सोमवार को शाम 5 बजकर 55 मिनट से शुरू होगी. यह तिथि 3 मार्च मंगलवार को शाम 5 बजकर 7 मिनट पर खत्म होगी. ऐसे में उदयातिथि के आधार पर होलाष्टक का समापन 3 मार्च मंगलवार को होगा.

