मंत्र पढ़ते हुए मां काली को पोते का सिर चढ़ाया
यह कबूलनामा प्रयागराज के सरन का है। जिसने अपने 17 वर्षीय पोते की हत्या कर दी। आरोपी सरन ने पुलिस पूछताछ में बताया कि तांत्रिक ने मुझे बताया था कि मेरे घर में जादू-टोना है। परिवार पर काली छाया है। ये सब मेरी भाभी यानी पीयूष की दादी कर रही है। जादू टोना करके मेरे परिवार को बर्बाद कर रही है।
तांत्रिक ने बताया था कि मेरी भाभी के परिवार के बच्चे की बलि देनी होगी। फिर मैंने प्लानिंग की और पीयूष की बलि दे दी। पुलिस ने धड़ मिलने के बाद 4 घंटे में आरोपी की निशानदेही से पीयूष के सिर और हाथ-पैर बरामद कर लिए। वारदात के बाद आरोपी सुबह-शाम घर के बाहर कुर्सी डालकर बैठा रहता था।
पुलिस पूछताछ में सरन सिंह ने बताया- पीयूष उर्फ यश को किडनैप करने के लिए मैंने एक महीने तक रैकी की। पीयूष जब सुबह-सुबह स्कूल के लिए निकलता तो मैं उसे रास्ते में रोक लेता। फिर उससे बात करते हुए चलता जाता। ऐसा मैं इसलिए करता था ताकि मैं उसका विश्वास जीत सकूं।
26 अगस्त को पीयूष स्कूल जाने के लिए गली से निकला। मैंने उसे आवाज देकर अपने पास बुला लिया। मैं उसे अपने घर में ले गया। यहां पीछे से उसके सिर पर ईंट से वार कर दिया। हमला होते ही पीयूष फर्श पर गिर गया।
उसके गिरते ही मैंने तंत्र-मंत्र के लिए सामान अपने पास में रखा। चौकी सजाई, फिर मैं बलि देने के लिए मंत्र पढ़ने लगा। इसी बीच पीयूष को होश आने लगा। फिर मैं उठा और तकिया ले आया। तकिए से उसका मुंह दबाकर उसकी हत्या कर दी।
इसके बाद मैंने मां काली के सामने बलि देने के लिए आरी से सबसे पहले उसका सिर काटा। फिर मंत्र पढ़े। बलि की क्रिया पूरी होने के बाद मैंने चापड़ और आरी की मदद से पीयूष के दोनों हाथों को काट कर अलग किया। फिर उसके दोनों पैर काट कर अलग किए। इसके बाद इन सभी टुकड़ों को पॉलीथिन में भरा। कमरे को धोया।
बदबू न आए इसके लिए पूरे कमरे में इत्र छिड़का। 100 से अधिक धूपबत्ती जलाईं।सरन सिंह ने बताया- मैंने पीयूष के सिर को अलग पॉलीथिन में रखा था। उसे रसूलपुर कछार के पास कूड़े के ढेर में फेंक दिया। इसके बाद थाना अतारसुईया क्षेत्र में एक नाले में हाथ-पैर फेंके।
धड़ बड़ा था, इसलिए उसे पहले साड़ी में लपेटा। फिर पॉलीथिन में भरा और स्कूटी पर रखकर निकल पड़ा। नैनी पुल पार कर थाना औद्योगिक क्षेत्र पहुंचा। वहां हाईटेक सिटी के पास नाले में फेंक दिया।
पुलिस ने बताया कि आरोपी ने 26 अगस्त सुबह पीयूष की हत्या की। इसके बाद शाम तक शव के टुकड़े फेंकता रहा। उसी दिन शाम को पुलिस को स्कूटी के बारे में पता चला। पुलिस ने पूरी रात करीब 200 कैमरे देखे। 27 की सुबह आरोपी को उसके घर से अरेस्ट कर लिया। इसके बाद 4 घंटे बाद पुलिस ने शव के सभी टुकड़े बरामद कर लिए।
इधर पीयूष घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने स्कूल में फोन किया। पता चला, वह स्कूल पहुंचा ही नहीं था। इसके बाद परिजनों ने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने 2 टीमें बनाकर जांच शुरू की। 200 CCTV खंगाले, लेकिन बच्चे का पता नहीं चला।
जांच के दौरान एक महिला ने पुलिस को बताया कि मैंने एक व्यक्ति को नाले में शव फेंकते हुए देखा है। इसके बाद पुलिस ने वहां का CCTV खंगाला, जिसमें आरोपी नजर आया। बच्चे के परिजनों को दिखाया तो पता चला कि सीसीटीवी में दिखाई देने वाला सरन सिंह पीयूष का दादा है। जो प्रॉपर्टी का काम करता है। पुलिस ने बुधवार को उसे घर से गिरफ्तार कर लिया।
डीसीपी अभिषेक भारती ने बताया- सरन सिंह पीयूष का चचेरा बाबा (दादा) है। पूछताछ में उसने कत्ल की वारदात कबूल कर ली है। उसने बयान दिया, कि 2023 में उसकी बेटी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद 2024 में उसके बेटे ने यमुना पुल से कूदकर खुदकुशी कर ली थी।
मुझे तांत्रिक ने बताया- मेरी भाभी यानी पीयूष की दादी मेरे परिवार को जादू-टोना कर बर्बाद कर रही है। तांत्रिक ने बताया कि उसी परिवार के बच्चे की बलि देनी होगी। फिर मैंने प्लानिंग की और पीयूष की बलि दे दी। आरोपी तांत्रिक की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। वह प्रयागराज से फरार हो गया है। प्रॉपर्टी डीलर ने तांत्रिक के जाल में फंसकर 17 साल के पोते की बलि दे दी। सोमवार को उसने स्कूल जाते वक्त बच्चे को किडनैप किया। वहां तंत्र-मंत्र किया और बच्चे की हत्या कर दी। फिर हाथ-पैर और धड़ काटकर अलग कर दिए।
हाथ-पैर जंगल में, जबकि धड़ को पॉलिथीन में लपेटकर नाले में फेंक दिया। पुलिस ने CCTV खंगाले। जांच के दौरान एक महिला ने पुलिस को बताया कि मैंने एक व्यक्ति को नाले में शव फेंकते हुए देखा है। पुलिस ने वहां का CCTV खंगाला, जिसमें आरोपी नजर आया।
उसकी पहचान बच्चे के दादा सरन सिंह के रूप में हुई। पुलिस ने बुधवार को उसे घर से गिरफ्तार कर लिया। सख्ती से पूछताछ की तो उसने जुर्म कबूल लिया। उसने बताया- मेरी बेटी और बेटे ने आत्महत्या कर ली थी। इससे मैं गहरे सदमे में था।
मैंने एक तांत्रिक से संपर्क किया। उसने कहा कि अगर वह अपने बेटे या बेटी की उम्र के किसी लड़के की बलि दे तो उसके सारे ग्रहदोष समाप्त हो जाएंगे। इसके चलते मैंने बच्चे की हत्या कर दी। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर बच्चे के हाथ-पैर को घर से करीब 10 किमी दूर करेंहदा के जंगल से बरामद किए।
11वीं में पढ़ने वाले पीयूष के पिता अजय सिंह की मौत हो चुकी है। वह मां कामिनी, 2 बड़े भाइयों समीर सिंह और ध्रुव के साथ सदियापुर गुरुद्वारे के पास रहता था। करेली के सरस्वती विद्या मंदिर में पढ़ता था। पीयूष के बगल में ही सरन सिंह का घर है।
पीयूष की मां कामिनी ने पुलिस को बताया- सोमवार सुबह साढ़े 8 बजे बेटा स्कूल जाने के लिए घर से निकला था। रोजाना दोपहर 2:30 बजे तक लौट आता था, लेकिन उस दिन वापस नहीं आया। हमने फोन करके स्कूल में पता किया।
वहां से बताया गया कि बेटा आज स्कूल पहुंचा ही नहीं है। इसके बाद मैंने उसके दोस्तों को फोन किया। उन्हें भी बेटे के बारे में जानकारी नहीं थी। इसके बाद मैंने थाने पहुंचकर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
पीयूष के बड़े भाई ध्रुव ने बताया- दादा सरन सिंह पहले चोरी किया करते थे। बाद में प्रॉपर्टी का काम करने लगे। बेटे-बेटी की मौत के बाद तंत्र-मंत्र भी करने लगे। अब उन्होंने मेरे भाई को किडनैप करके हत्या कर दी। मेरी मांग है कि आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा मिले।