दिल्ली के जनकपुरी में खूनी गड्ढे में बाइकर की मौत का जिम्मेदार कौन?
राजधानी दिल्ली के जनकपुरी में 25 वर्षीय बाइकर कमल ध्यानी की मौत कोई सामान्य हादसा नहीं बल्कि सिस्टम की बड़ी लापरवाही का नतीजा थी. दिल्ली जल बोर्ड (DJB) की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर ठेकेदार और अधिकारियों ने सुरक्षा नियमों का पालन किया होता तो कमल आज जिंदा होता. जांच में सामने आया कि जिस 6 मीटर गहरे और जानलेवा गड्ढे में गिरकर कमल की मौत हुई, वहां सुरक्षा के नाम पर खानापूर्ति की गई थी.
जांच समिति के अनुसार, खुदाई स्थल पर अनिवार्य रूप से लगाए जाने वाले लोहे के मजबूत बैरिकेड गायब थे. नियमों को ताक पर रखकर केवल पतली हरी जाली (Green-mesh) लगाई गई थी जो अंधेरे में किसी भी वाहन चालक को रोकने में सक्षम नहीं थी. सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इतनी बड़ी परियोजना की साइट को रात के समय पूरी तरह लावारिस छोड़ दिया गया था. वहां कोई भी सुपरवाइजर या गार्ड तैनात नहीं था जो राहगीरों को खतरे के प्रति आगाह कर सके.
· अपर्याप्त बैरिकेडिंग: रिपोर्ट में कहा गया है कि लोहे के बैरिकेड्स की जगह मात्र जाली का उपयोग करना सुरक्षा मानकों का उल्लंघन है.
· निगरानी का अभाव: रात के समय साइट पर किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की मौजूदगी न होना ‘ड्यूटी में गंभीर कोताही’ मानी गई है.
· रखरखाव में कमी: डायवर्जन के बावजूद कार्यस्थल पर सुरक्षा घेरा पूरी तरह से टूटा हुआ और अव्यवस्थित पाया गया.
· अधिकारियों की अनदेखी: जूनियर इंजीनियर से लेकर सुपरिटेंडिंग इंजीनियर तक, किसी ने भी साइट की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए औचक निरीक्षण नहीं किया.

