जेल से आने के बाद क्यों इतने साल शराब घोटाले पर चुप रहे केजरीवाल? बयां किया परिवार का दर्द
दिल्ली. दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शराब घोटाले के आरोपों से सम्मानजनक बरी होने के बाद पहली बार अपना दर्द साझा किया. उन्होंने बताया कि जेल से बाहर आने के बाद वे इसलिए चुप थे क्योंकि उनकी बातों का गलत अर्थ निकालकर उनके परिवार पर ताने मारे जाते थे, जिससे उनके परिजनों को मानसिक कष्ट होता था. मेरे परिवार को फर्क पड़ता था. केजीवाल को फर्क पड़ता है. इसलिए मैंने निर्णय लिया कि मैं इसपर कुछ नहीं बोलूंगा. जब कोर्ट का फैसला आएगा तब सभी को इसका जवाब मिल जाएगा.
केजरीवाल ने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा, “आपने हमारे 5 टॉप लीडर्स को जेल में डाल दिया, सब कुछ करके देख लिया, लेकिन आप केजरीवाल का कुछ नहीं बिगाड़ पाए.” उन्होंने एक बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अब उनके पास एक ही रास्ता बचा है कि उन्हें “केजरीवाल का कत्ल” करवाना पड़ेगा, क्योंकि काम की राजनीति का जवाब वे नहीं दे पा रहे. केजरीवाल ने चुनौती दी कि “मैंने स्कूल बनाए हैं, आप दिल्ली में 5 हजार स्कूल बनाकर दिखाएं.” केजरीवाल का यह बयान स्पष्ट करता है कि वे अब और भी अधिक आक्रामक रणनीति के साथ मैदान में उतरने को तैयार हैं.
आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने कहा, ‘देश भर के लोगों ने जिन्होंने इतने कठिन समय में हमारा साथ दिया मैं उनका धन्यवाद करता हूं. आप जानते हैं कि किस तरह पिछले 4 साल से, ईडी, सीबीआई और सारी संस्थाओं का इस्तेमाल करके हमारे ऊपर शराबा घोटाला नामक एक आरोप लगाया गया. सीबीआई और ईडी ने उसमें चार्जशीट दाखिल की. आज कोर्ट ने लगभग 600 पेज के आदेश में कहा है कि इतना भी सबूत नहीं है कि इसमें मुकदमा भी चलाया जा सके. कोर्ट का कहना है कि इतना गलत, फर्जी केस है कि इसमें मुकदमा भी नहीं चलाया जा सकता]
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह पूरा षड्यंत्र किसने और क्यों रचा? यह पूरा षड्यंत्र प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह ने रचा, उन दोनों को देश से माफी मांगनी चाहिए. उन्होंने कहा कि, ‘मैं आपसे पूछता हूं कि केजरीवाल जेल गया, क्या रॉबर्ट वाड्रा जेल गया? संजय सिंह जेल गया, क्या राहुल गांधी जेल गया? मनीष सिसोदिया जेल गया, क्या सोनिया गांधी जेल गईं? कांग्रेसी किस मुंह से बात करते हैं, उन्हें शर्म नहीं आती?.’

