3568 युवाओं ने छोड़ी यूपी पुलिस की नौकरी
यूपी पुलिस में चुने गए 60,244 सिपाहियों में से साढ़े तीन हजार से ज्यादा अभ्यर्थियों ने नौकरी छोड़ दी है। भर्ती- 2023 के तहत चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 3568 अभ्यर्थियों ने नौकरी जॉइन ही नहीं की। इसके अलावा 100 से ज्यादा अभ्यर्थी ट्रेनिंग में तो शामिल हुए, लेकिन बाद में इस्तीफा दे दिया।
उत्तर प्रदेश में 60,244 पदों पर भर्ती के लिए प्रक्रिया दिसंबर, 2023 में शुरू हुई थी। इसमें 20 फीसदी महिलाओं की भर्ती होनी थी। यानी 60,244 में 48,195 पुरुष और 12,049 महिला अभ्यर्थियों का चयन होना था। इसके लिए पहले फरवरी, 2024 में परीक्षा हुई, लेकिन पेपर लीक हो गया। अगस्त, 2024 में इसकी प्रक्रिया दोबारा शुरू हुई और परीक्षा कराई गई। इस परीक्षा में करीब 50 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था।
अगस्त, 2024 में दोबारा परीक्षा कराई गई। इस बार करीब 30% अभ्यर्थियों ने परीक्षा नहीं दी थी। परीक्षा का अंतिम परिणाम 13 मार्च, 2025 को घोषित हुआ। 15 जून को अमित शाह की मौजूदगी में चयनित अभ्यर्थियों को लखनऊ में एक बड़े कार्यक्रम के दौरान नियुक्ति पत्र दिया गया। 21 जून से इन अभ्यर्थियों की जेटीसी और फिर 21 जुलाई से आरटीसी पर इनकी मुख्य ट्रेनिंग शुरू हुई।
चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 3568 अभ्यर्थियों ने जॉइन ही नहीं किया। मतलब, ट्रेनिंग लेने नहीं पहुंचे। 48,195 पुरुषों के स्थान पर 45,055 पुरुषों ने और 12,049 महिलाओं के स्थान पर 11,621 महिला अभ्यर्थियों ने जॉइन किया। यानी 60,244 में से 56,676 अभ्यर्थियों ने ही जॉइन किया। बाकी 3568 अभ्यर्थियों ने पुलिस की नौकरी से किनारा कर लिया।
पूर्व डीजीपी और डीजी ट्रेनिंग रह चुके सुलखान सिंह बताते हैं- इस बेरोजगारी के जमाने में कोई जॉइन न करे, ये समझ से परे है। इसकी कई वजह हो सकती हैं। ऐसे अभ्यर्थियों के न जॉइन करने से जो पद रिक्त रह जाते हैं, उनके लिए दोबारा वैकेंसी निकाली जाती है। नए सिरे से उन पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाती है।
प्रशिक्षण से जुड़े एक अफसर ने बताया कि कुछ अभ्यर्थियों ने ट्रेनिंग जॉइन करने के बाद इस्तीफा दे दिया है। ऐसे अभ्यर्थियों की संख्या 100 से ज्यादा बताई जा रही है। इनमें कुछ ऐसे हैं, जो ग्राम विकास अधिकारी के पद पर चयनित हो गए थे। कुछ ऐसे भी हैं, जो प्रशिक्षण के दौरान माहौल में खुद को ढाल नहीं पा रहे थे।
उदाहरण के तौर पर देवरिया के एक अभ्यर्थी ने केवल इसलिए इस्तीफा दे दिया, क्योंकि वह सुबह 5 बजे नहीं उठ सकता था। इस अभ्यर्थी की नियुक्ति गाजीपुर जिले में हुई थी। पहले तो उसके पिता ने उसे समझाने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी तो एसपी कार्यालय जाकर अभ्यर्थी ने अपना इस्तीफा सौंप दिया। इसी तरह फिरोजाबाद पुलिस लाइन में प्रशिक्षु सिपाही तरुण कुमार ने 23 जुलाई को 3 मंजिला बैरक से कूदकर आत्महत्या कर ली।
बुलंदशहर पुलिस लाइन में 26 जुलाई, 2025 को ट्रेनी सिपाही भूपेंद्र ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या का प्रयास किया। उसे गंभीर हालत में हायर सेंटर रेफर किया गया। वह हाथरस का रहने वाला है और एक दिन पहले ही घर से लौटा था।