फैज-ए-इलाही मस्जिद पत्थरबाजी में 6 और गिरफ्तार
Turkman Gate Demolition Drive Live: देश की राजधानी दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान हुई पत्थरबाजी के मामले में गिरफ्तार आरोपियों को अदालत ने एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. आरोपियों के वकीलों ने यह जानकारी दी. साथ ही आरोपियों की ओर से ज़मानत याचिकाएं भी दाखिल कर दी गई हैं, जिन पर गुरुवार 8 जनवरी 2026 को सुनवाई होनी है. पत्थरबाजी के आरोपी काशिफ, मोहम्मद कैफ और मोहम्मद आरिब की ओर से पेश वकील एम. आसद बेग ने बताया कि अदालत ने एफआईआर की प्रति बचाव पक्ष को सौंपने के बाद एक दिन की न्यायिक हिरासत मंज़ूर की. उन्होंने कहा, ‘जज के आदेश के बाद हमें एफआईआर की कॉपी दी गई. इसके बाद हमने जमानत याचिका दाखिल की है. अदालत ने एक दिन की न्यायिक हिरासत दी है और कल (8 जनवरी को) तीस हजारी कोर्ट में जमानत पर सुनवाई होगी.’ मामले में एक अन्य आरोपी समीर की ओर से पेश वकील मोहम्मद आकिफ ने भी बताया कि अदालत ने एक दिन की न्यायिक हिरासत दी है. उन्होंने कहा कि हमें अभी एफआईआर की कॉपी मिली है. अब हम आगे की कानूनी प्रक्रिया पर विचार करेंगे. वकीलों का कहना है कि जमानत याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान अदालत के सामने सभी तथ्यों को रखा जाएगा.
अब तक दिल्ली पुलिस इस मामले में पांच लोगों को गिरफ़्तार कर चुकी है. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान काशिफ, मोहम्मद कैफ, मोहम्मद आरिब, अदनान और समीर के रूप में हुई है. यह घटना 7 जनवरी को तड़के उस समय हुई, जब नगर निगम की टीम फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर रही थी. कार्रवाई के दौरान इलाके में तनाव बढ़ गया और देखते ही देखते पत्थरबाजी शुरू हो गई, जिसके बाद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा. दिल्ली पुलिस ने बुधवार को इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और अन्य कानूनों की कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया. सेंट्रल रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त मधुर वर्मा ने बताया कि मामले में बीएनएस की धारा 121, 123 और 221 के अलावा सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान से बचाव अधिनियम की धारा 3 और दंगा करने से जुड़ी धारा 191 के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस के मुताबिक, ये धाराएं हिंसा, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने से जुड़े अपराधों को ध्यान में रखकर लगाई गई हैं.
क्या सांसद भी थे मौके पर मौजूद?
संयुक्त पुलिस आयुक्त मधुर वर्मा ने बताया कि यह घटना मंगलवार रात एमसीडी की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई के दौरान हुई, जब तुर्कमान गेट इलाके में तनाव का माहौल बन गया. पत्थरबाजी की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित किया. पुलिस का कहना है कि हालात अब काबू में हैं और इलाके में शांति बनी हुई है. इस बीच, घटनास्थल पर समाजवादी पार्टी (सपा) के एक सांसद की मौजूदगी को लेकर उठे सवालों पर भी पुलिस ने अपनी स्थिति साफ की है. मधुर वर्मा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सांसद पहले वहां मौजूद थे, लेकिन जब अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू हुई, उससे पहले वे वहां से जा चुके थे. उन्होंने बताया कि यह मामला अभी जांच के दायरे में है. अगर जांच में कुछ और सामने आता है तो उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी.
इलाके में तगड़ी सुरक्षा व्यवस्था
पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे उन वीडियो का भी संज्ञान लिया है, जिनके जरिये कथित तौर पर हिंसा भड़काने की कोशिश की गई. मधुर वर्मा के अनुसार, कुछ वीडियो ऐसे पाए गए हैं जिनमें लोगों को उकसाने की कोशिश की गई है. उन्होंने कहा कि ऐसे वीडियो पोस्ट करने वालों को पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा. यदि जांच में किसी साज़िश या उकसावे की भूमिका सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. दिल्ली पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई सबूतों के आधार पर की जाएगी. पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है और किसी भी तरह की अफ़वाह या भड़काऊ गतिविधि पर कड़ी नज़र रखी जा रही है.

