April 1 Rules Change Live: आज से बदले कई नियम, ITR से TDS, PAN से FASTag तक
April 1 Rules Change Live: वित्तीय वर्ष 2026-27 के शुरू होते ही बुधवार एक अप्रैल से देशभर में कई महत्वपूर्ण वित्तीय और नियामक बदलाव लागू हो गए हैं. इन बदलावों का सीधा असर आम नागरिकों की जेब, टैक्स फाइलिंग, यात्रा और घरेलू खर्च पर पड़ेगा. सबसे बड़ा बदलाव नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 है, जो पुराने 1961 के कानून की जगह ले रहा है. नई टैक्स व्यवस्था में टैक्स स्लैब रेट्स कम रखे गए हैं, लेकिन ज्यादातर छूट और कटौतियां समाप्त कर दी गई हैं. इसका मकसद टैक्स फाइलिंग को आसान बनाना और कागजी कार्यवाही कम करना है. नई व्यवस्था के तहत 12 लाख रुपये तक की आय पर प्रभावी रूप से कोई टैक्स नहीं लगेगा. TDS नियमों में भी बदलाव आया है. सैलरी और कुछ पेंशन इनकम के लिए अब फॉर्म-16 और फॉर्म 16A की जगह फॉर्म 130 और फॉर्म 131 लागू हो गए हैं. इससे TDS रिपोर्टिंग और कंप्लायंस आसान होने की उम्मीद है.
April 1 Rules Change Live: नए वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत के साथ टैक्सपेयर्स के लिए कई महत्वपूर्ण बदलाव लागू हो गए हैं. नई इनकम टैक्स व्यवस्था में सबसे बड़ा बदलाव टैक्स डॉक्यूमेंटेशन को सरल बनाने का है. अब आय और TDS से संबंधित सारी जानकारी को एक नई संशोधित फॉर्मेट में कंसोलिडेट किया जाएगा. पहले जहां अलग-अलग फॉर्म जैसे फॉर्म 16, फॉर्म 16A आदि इस्तेमाल होते थे, अब उनकी जगह नया एकीकृत फॉर्मेट लागू हो गया है. इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य टैक्स रिपोर्टिंग को आसान बनाना और टैक्स रिकॉर्ड्स में स्पष्टता लाना है.
April 1 Rules Change Live: 1 अप्रैल से नए इनकम टैक्स स्लैब लागू: संशोधित टैक्स व्यवस्था में ये हैं नई दरें
April 1 Rules Change Live: नए वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत के साथ आज से इनकम टैक्स की संशोधित व्यवस्था लागू हो गई है. सरकार ने नई टैक्स स्लैब्स घोषित कर दी हैं, जिनके अनुसार व्यक्ति अपनी आय पर टैक्स देना होगा. नए टैक्स स्लैब इस प्रकार हैं-
₹4 लाख तक की आय पर- 0% टैक्स
₹4 लाख से ₹8 लाख तक की आय पर- 5% टैक्स
₹8 लाख से ₹12 लाख तक की आय पर- 10% टैक्स
₹12 लाख से ₹16 लाख तक की आय पर- 15% टैक्स
₹16 लाख से ₹20 लाख तक की आय पर- 20% टैक्स
₹20 लाख से ₹24 लाख तक की आय पर- 25% टैक्स
₹24 लाख से ऊपर की आय पर- 30% टैक्स
April 1 Rules Change Live: घरेलू सिलेंडर की कीमत में बदलाव नहीं
April 1 Rules Change Live: 14.2 किलो घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है. दिल्ली में यह अभी भी 913 रुपये में ही उपलब्ध रहेगा. घरेलू दरों में आखिरी संशोधन सात मार्च को हुआ था, जब कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी. भारतीय ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) हर महीने की पहली तारीख को LPG की कीमतों की समीक्षा करती हैं. यह संशोधन अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क, कच्चे तेल की कीमतों और रुपये के उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखकर किया जाता है. विश्लेषकों का कहना है कि वेस्ट एशिया में चल रहे संघर्ष (ईरान-इजराइल-यूएस तनाव) के कारण ग्लोबल एनर्जी सप्लाई प्रभावित हो रही है, जिससे तेल और गैस की कीमतें बढ़ रही हैं.
Live Post of April 1 Rules Change Live: नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ आज से कमर्शियल LPG सिलेंडर महंगा हो गया है. पश्चिम एशिया में युद्ध और ग्लोबल ऑयल कीमतों में उछाल के कारण तेल कंपनियों ने 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में 195.50 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है. दिल्ली में अब एक 19 किलो कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत 2,078.50 रुपये हो गई है. यह बढ़ोतरी पिछले महीने 1 मार्च को हुई ₹114.50 की बढ़ोतरी के बाद आई है. होटल, रेस्तरां, कैटरिंग और छोटे व्यावसायिक उपयोगकर्ताओं पर इसका सीधा असर पड़ेगा
April 1 Rules Change Live: इसके अलावा ITR फाइलिंग की कुछ डेडलाइन में बदलाव, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन में दो-कारक प्रमाणीकरण (2FA) की अनिवार्यता और अन्य बैंकिंग नियम भी आज से प्रभावी हो गए हैं. ये बदलाव टैक्सपेयर्स को अनुशासन बनाए रखने और सरल प्रक्रियाओं की ओर ले जाने वाले हैं, लेकिन शुरुआती दिनों में कंप्लायंस का थोड़ा बोझ बढ़ सकता है. सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे नई व्यवस्था के अनुसार दस्तावेज तैयार रखें और सही जानकारी दें.
April 1 Rules Change Live: PAN कार्ड नियम सख्त हो गए हैं. अब केवल आधार से PAN आवेदन नहीं हो सकेगा. अतिरिक्त दस्तावेज जैसे क्लास 10 का सर्टिफिकेट या पासपोर्ट जरूरी होंगे. PAN-आधार लिंकिंग भी सख्ती से लागू रहेगी. FASTag वार्षिक पास की फीस बढ़ गई है. NHAI ने इसे ₹3,000 से बढ़ाकर ₹3,075 कर दिया है. यह पास राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर इस्तेमाल होगा. सरकार ने कमर्शियल LPG सिलेंडर (19 किलो) के रेट्स भी संशोधित किए हैं. घरेलू LPG पर पहले ही प्रभाव पड़ चुका है, जबकि कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी से होटल, रेस्तरां और छोटे व्यवसायों पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है.

