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अविमुक्तेश्वरानंद की तबीयत बिगड़ी, 5 दिन से धरने पर बैठे

प्रयागराज में अविमुक्तेश्वरानंद और माघ मेला प्रशासन के बीच टकराव खत्म नहीं हो रहा है। वसंत पंचमी के बड़े स्नान के दिन अब तक यानी 1 बजे तक अविमुक्तेश्वरानंद स्नान के लिए नहीं निकले हैं।

उन्होंने कहा- जब तक प्रशासन माफी नहीं मांगता, तब तक मैं स्नान नहीं करूंगा। प्रशासन नोटिस-नोटिस खेल रहा है। अभी मेरा मौनी अमावस्या का स्नान नहीं हुआ है, तो मैं वसंत का स्नान कैसे कर लूं?

उनके शिष्यों ने बताया कि आज सुबह से अविमुक्तेश्वरानंद की तबीयत ठीक नहीं है। उन्हें तेज बुखार है। इस वजह से वह अपनी वैनिटी वैन में ही हैं। एक बार भी बाहर नहीं आए हैं।

इससे पहले सीएम योगी ने अविमुक्तेश्वरानंद का नाम लिए बिना कहा था कि किसी को परंपरा बाधित करने का हक नहीं। ऐसे तमाम कालनेमि हैं, जो धर्म की आड़ में सनातन धर्म को कमजोर करने की साजिश रच रहे हैं। हमें ऐसे लोगों से सतर्क रहना होगा।

वहीं, डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने आजमगढ़ में कहा था कि मैं ज्योतिष्पीठाधीश्वर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के चरणों में प्रणाम करता हूं। प्रार्थना है कि वे स्नान कर इस विषय का समापन करें। 18 जनवरी को माघ मेले में मौनी अमावस्या पर अविमुक्तेश्वरानंद पालकी में स्नान करने जा रहे थे। पुलिस ने उन्हें रोका और पैदल जाने को कहा। विरोध करने पर शिष्यों से धक्का-मुक्की हुई। इससे नाराज अविमुक्तेश्वरानंद शिविर के बाहर धरने पर बैठ गए थे।

प्रशासन ने अविमुक्तेश्वरानंद को 48 घंटे में दो नोटिस जारी किए। पूछा कि क्यों न आपको हमेशा के लिए माघ मेले से बैन कर दिया जाए? अगर 24 घंटे के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो संस्था को दी गई जमीन और सुविधाएं वापस ले लेंगे। अविमुक्तेश्वरानंद ने जवाब दिया- नोटि असंवैधानिक हैं। वापस नहीं लिया तो मानहानि का केस करेंगे।

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