बुलंदशहर : कांग्रेस ने लगाया हिंदुओं के अपमान का आरोप, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर FIR
बुलंदशहर, जिला कांग्रेस कमेटी ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज पर दर्ज एफआईआर के विरोध में कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष जियाउर्रहमान के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की।
कांग्रेस ने भाजपा की योगी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए एक ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा गया कि वर्तमान सरकार सच सुनने को तैयार नहीं है और शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती तथा उनके शिष्यों को लगातार परेशान व प्रताड़ित किया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान “शंकराचार्य का अपमान- नहीं सहेगा हिन्दुस्तान” जैसे नारे लगाए गए। कांग्रेस ने ज्ञापन में बताया कि मौनी अमावस्या पर शंकराचार्य और उनके शिष्यों को स्नान करने से रोका गया था। उनके साथ आए बच्चों के साथ दुर्व्यवहार किया गया और उन्हें थाने ले जाकर प्रताड़ित किया गया। अब शंकराचार्य, उनके शिष्य, श्रद्धालु ब्रह्मचारियों सहित कई अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है, जिसे कांग्रेस ने अत्यंत निंदनीय बताया। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज पर राजनीतिक षड्यंत्र के तहत दर्ज एफआईआर को तत्काल समाप्त किया जाए। साथ ही, एफआईआर दर्ज कराने वालों की पृष्ठभूमि, परिस्थितियों और संभावित प्रेरक तत्वों की निष्पक्ष व पारदर्शी जांच कराई जाए।
जिलाध्यक्ष जियाउर्रहमान ने आरोप लगाया कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज का उत्पीड़न और अपमान योगी सरकार के इशारे पर राजनीतिक द्वेषवश किया जा रहा है, जिससे हिंदू समाज की भावनाओं को ठेस पहुंच रही है।
पूर्व जिलाध्यक्ष सुभाष गांधी, मनीष चतुर्वेदी, सचिन पंडित और भजनलाल विमल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को सनातन के सम्मान और देशहित में तत्काल उत्तर प्रदेश में दखल देना चाहिए। उन्होंने शंकराचार्य का अपमान करने और उन पर झूठी एफआईआर करने वालों पर कार्रवाई की मांग की।
जिला उपाध्यक्ष प्रशांत बाल्मिकी, आदर्श देव शर्मा और राजेंद्र कश्यप ने भाजपा को हिंदू विरोधी बताया। इस अवसर पर राष्ट्रीय कॉर्डिनेटर प्रदीप सरोहा, पूर्व विधायक नरेंद्र कुमार, किशन चौधरी, भजन लाल, उम्मेद सुर्यवंशी, ऋषि गौतम सहित कई अन्य कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

