बुलंदशहर : इंटर कॉलेज की छत का गिरा लिंटर
बुलंदशहर के गुलावठी ब्लॉक के गांव बराल स्थित इंटर कॉलेज में एक क्लास रूम के लिंटर से अचानक मलबा गिरने से हड़कंप मच गया। सौभाग्य से मलबा गिरने के समय कोई छात्र चपेट में नहीं आया। घटना के बाद छात्रों को कमरे से बाहर निकालकर गैलेरी में बैठाया गया और वहीं उनकी डेस्क लगवाई गईं।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र भेजा है। पत्र में उन्होंने लिखा है कि स्कूल की बिल्डिंग की हालत बहुत खराब है। पिछले दिनों भी एक हादसा होने से बचा था। स्कूल के बरामदे की छजली से अक्सर मलबा गिरता रहता है। 11 अगस्त को कमरा नंबर 22 में छात्रों ने देखा कि लिंटर से मलबा गिरा हुआ है।
कुछ अभिभावक जो अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने आए थे, उन्हें भी इस घटना की जानकारी मिली। यह मामला जल्द ही गांव में चर्चा का विषय बन गया। ग्रामीणों का कहना है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री जर्जर भवनों की मरम्मत के निर्देश दे रहे हैं, लेकिन इस कॉलेज में सरकारी निर्देशों का पालन नहीं हो रहा है। बच्चों की सुरक्षा के प्रति लापरवाही बरती जा रही है।
ग्रामीणों के अनुसार प्रधानाचार्य भी इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। हालांकि, प्रधानाचार्य बिजेंद्र सिंह का कहना है कि एक कमरे का प्लास्टर छूटकर गिरा था। उन्होंने बताया कि जब सुबह प्लास्टर गिरा हुआ देखा, तो बच्चों को थोड़ी देर बाद दूसरे कमरे में स्थानांतरित कर दिया गया।
इस इंटर कॉलेज में न तो कोई प्रबंध समिति है और न ही कंट्रोलर। इसके कारण विद्यालय में सुरक्षा और विकास संबंधी कई मुद्दों पर कार्य नहीं हो पा रहा है। संभवतः यह प्रदेश का पहला विद्यालय है जहां न तो कोई समिति है और न ही कंट्रोलर।