खुर्जा नगर पालिका में अलाव की लकड़ी पर घमासान
खुर्जा नगर पालिका चेयरपर्सन अंजना सिंघल ने देर रात कड़ाके की ठंड और शीतलहर को देखते हुए आम जनमानस को राहत देने के लिए सरकार और प्रशासन द्वारा पुख्ता इंतजाम के दावे की जांच पड़ताल की। जमीनी हकीकत परखने के लिए बीती रात नगर पालिका अध्यक्ष (चेयरमैन) ने शहर के विभिन्न चौराहों और सार्वजनिक स्थलों का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान खुर्जा पालिका चेयरपर्सन अंजना सिंघल ने 62 स्थानों पर महज कागजों में ही अलाव जलने का दावा करते हुए लकड़ी खरीद में घोटाले का आरोप लगाया था। शहर में अलाव की व्यवस्थाएं कागजों तक ही सीमित नजर आ रही हैं। जब वह सैनी धर्मशाला, सीमा पॉटरी, टेलीफोन एक्सचेंज जैसे आदि प्रमुख स्थानों पर पहुँची, तो वहां अलाव जलते हुए नहीं मिले।
वहीं नगर पालिका चेयरपर्सन के लकड़ी घोटाले के दावे के बाद ईओ खुर्जा ने सोशल मीडिया पर नगर के प्रमुख स्थानों के अलाव जलाए जाने के फोटो सोशल मीडिया पर शेयर किए। जिसको लेकर नगर पालिका में दो फाड़ होने की बात सामने आई है। पूरा मामला नगर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
चेयरपर्सन अंजना सिंघल ने पत्रकारों को बताया कि अलाव जलाने के लिए कुल 62 स्थान चिन्हित किए गए थे। देर रात निरीक्षण के दौरान अधिकांश प्रमुख केंद्रों पर लकड़ी की व्यवस्था नहीं मिली। पालिका अध्यक्ष ने कहा कि सरकार और शासन के स्पष्ट आदेश हैं कि ठंड से बचाव के लिए प्रतिदिन अलाव जलाए जाएं, लेकिन स्थानीय स्तर पर घोर लापरवाही बरती जा रही है। ”जब हम रात में चेकिंग के लिए निकले तो पाया कि सैनी धर्मशाला, सीमा पॉटरी और टेलीफोन एक्सचेंज जैसी जगहों पर लकड़ी की कोई व्यवस्था नहीं थी।
खुर्जा नगर पालिका के ईओ अनवर हुसैन ने बताया कि वह सरकारी प्रक्रिया के तहत टेंडर प्रक्रिया करते हैं। उन्होंने इशारों में व्यक्त किया कि कुछ लोग दवाब बनाने के इरादे से काम करवाना चाहते हैं। लेकिन वो शासन की मंशा के अनुरूप काम करते हैं।

