Cough Syrup Case : कफ सिरप मामले में पुलिस का ताबड़तोड़ एक्शन
वाराणसी: कफ सिरप कांड का मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल अब भी फरार है. ईडी की जांच में अब यह साफ हो गया है कि शुभम जायसवाल ने कोडिन युक्त कफ सिरप की हर बोतल पर करीब 500 रुपये का मुनाफा कमाया था. वहीं अब इस मामले में गठित SIT के निशाने पर शुभम के करीबी भी हैं. वाराणसी SIT का मानना है कि शुभम के करीबियों से इस काले खेल के पीछे के कई और राज खुल सकते हैं.
इन्ही राज से पर्दा उठाने के लिए वाराणसी SIT की टीम ने प्रशांत उपाध्याय उर्फ ‘लड्डू’ के घर रेखा विला पर बीते दिनों छापेमारी की. इस छापेमारी के दौरान वाराणसी एसआईटी की टीम ने प्रशांत के घर से जरूरी दस्तावेजों को जब्त किया. इस दौरान उसके फर्म से जुड़े कागजात के अलावा शुभम जायसवाल के शैली ट्रेडर्स के लेन-देन से जुड़े भी कई अहम कागजात भी मिले हैं. सूत्र बताते हैं कि इन कागजात के जरिए एसआईटी को ये जानकारी भी हाथ लगी है कि शुभम के साथ मिलकर प्रशांत ने कितने कोडिन युक्त कफ सिरप की खरीद फरोख्त की है. इसके अलावा दोनों के खातों के लेन-देन के डिटेल्स भी SIT के हाथ लग गए हैं.
राधिका इंटरप्राइजेज का लाइसेंस हो चुका है निरस्त
इस मामले में खाद्य सुरक्षा और औषधीय प्रशासन की टीम ने प्रशांत उपाध्याय उर्फ लड्डू की फर्म राधिका इंटरप्राइजेज का लाइसेंस भी निरस्त कर दिया है. अब प्रशांत के दूसरे फर्म राजेंद्र ड्रग एजेंसी से भी लेन-देन के लिंक मिले हैं. एसीपी कोतवाली शुभम कुमार सिंह ने बताया कि कोतवाली थाने में दर्ज मुकदमा 235/ 25 के संबंध कार्रवाई की जा रही है. जांच तलाशी के दौरान प्रशांत उपाध्याय फरार मिला है. इस संबंध में आवश्यक दस्तावेजों को जब्त कर आगे कार्रवाई को बढ़ाया जाएगा. शुभम जायवसाल और उसके परिवार के 38 करोड़ के सम्पति कुर्क मामले में अपर जिला जज की अदालत में अब 19 जनवरी को सुनवाई होगी. इस मामले में शुभम के वकील की ओर से उन सम्पतियों की लिस्ट कोर्ट से मांगी गई थी, जिन्हें पुलिस की ओर से कुर्क किया जाना था. कोर्ट ने उन सम्पतियों की लिस्ट उपलब्ध करा दी है.

