बदायूं में केबिन में मिले तीन युवकों के शव, फैक्ट्री सील
बदायूं में मैंथा फैक्ट्री के एक कमरे में तीन सिक्योरिटी गार्ड के शव मिले हैं। परिजनों ने हत्या कर शव कमरे में रखने का फैक्ट्री मालिक पर आरोप लगाया है। घटना का पता उस वक्त चला, जब सुबह कर्मचारी पहुंचे तो तीनों केबिन में बेसुध पड़े हुए थे। हिलाकर देखा तो तीनों की मौत हो चुकी थी। इसके बाद उन्होंने पुलिस बुलाई। इधर, घटना का पता चलते ही तीनों गार्ड के परिजन पहुंच गए और हंगामा कर दिया।
परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है। शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया है। उनकी मांग है कि फैक्ट्री के मालिक के खिलाफ FIR दर्ज की जाए। मामला उझानी थाना क्षेत्र के गांव कुड़ा नरसिंहपुर स्थित मैंथा फैक्ट्री का है। यह वही फैक्ट्री है, जिसमें कुछ महीने पहले भीषण आग लगी थी।
मृतकों की पहचान जोगेंद्र (30), भानु (26) और विवेक यादव (27) के रूप में हुई है। SP सिटी विजयेन्द्र द्विवेदी ने बताया कि परिजनों से तहरीर लेकर FIR कर ली गई है। फैक्ट्री को सील कर दिया गया है। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। जुगेन्द्र के पिता रामबहादुर ने तहरीर में बताया कि उनका बेटा जुगेन्द्र मैंथा फैक्ट्री भारत मिंट केमिकल लिमिटेड में सुपरवाइजर पद पर कार्यरत था। उसके साथ विवेक और भानू भी काम करते थे। रामबहादुर ने आरोप लगाते हुए बताया कि सोमवार–मंगलवार की रात फैक्ट्री के मालिक मनोज गोयल और नितेश गोयल ने तीनों की हत्या कर दी। इसके बाद तीनों शवों को घसीटते हुए केबिन में डाल दिया गया।
मृतकों के शरीर पर घसीटे जाने के निशान भी मौजूद हैं। इस घटना में कुछ अन्य लोग भी शामिल बताए जा रहे हैं। रामबहादुर ने आरोप लगाया कि फैक्ट्री मैनेजर राकेश भी इस मामले में शामिल है। उन्होंने यह भी बताया कि करीब एक वर्ष पहले इसी फैक्ट्री में आग लगने से एक व्यक्ति की जिंदा जलकर मौत हो चुकी है। इसके अलावा फैक्ट्री में पहले भी कई गंभीर घटनाएं घटित हो चुकी हैं। जोगेंद्र के भतीजे शिवम ने बताया, “मैंने सुबह आठ बजे अपने भाई को कॉल की थी। कॉल रिसीव नहीं हुई, इसलिए मैं फैक्ट्री पहुंचा। वहां मेन गेट बंद था। गेट खोलवाया तो केबिन में तीनों उल्टे-सीधे पड़े थे। पुलिस भी आ गई थी और एक को अपने साथ ले गई। मेरे भाई की पीठ और गले पर निशान हैं। मुझे आशंका है कि मनोज गोयल ने भाई की हत्या करवाई है। हमारी मांग है कि इन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।”
“फैक्ट्री बंद होने के आदेश के बावजूद काम कैसे कराया जा रहा था? यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि प्रशासनिक मिलीभगत और भाजपा सरकार की ढीली निगरानी का परिणाम है।
प्रदेश में ‘सुरक्षा’ और ‘कानून व्यवस्था’ के बड़े-बड़े दावे करने वाली भाजपा सरकार को बताना चाहिए कि अवैध रूप से चल रही फैक्ट्री पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई और मजदूरों की जान की जिम्मेदारी कौन लेगा?
हम मांग करते हैं कि मृतकों के परिजनों को तत्काल पर्याप्त मुआवज़ा दिया जाए और इस हादसे के लिए जिम्मेदार फैक्ट्री मालिकों तथा लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।”
पुलिस ने फैक्ट्री को सील किया
SP सिटी विजयेन्द्र द्विवेदी ने बताया कि थाना क्षेत्र उझानी के कूड़ा नरसिंहपुर में स्थित मैंथा फैक्ट्री में तीन मजदूर अंगीठी जलाकर के सो रहे थे। सवेरे देखा गया तो इसमें दो मजदूरों की मृत्यु हो चुकी थी। एक को अस्पताल भेजा गया था। जहां उसकी भी दम घुटने से मृत्यु होना पाया गया है। परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। फैक्ट्री को सील कर दिया गया है।

