देवरिया : VIP ट्रीटमेंट न मिलने पर संजय निषाद भड़के, न एस्कॉर्ट मिला न कोई अधिकारी पहुंचा
यूपी सरकार में मंत्री संजय निषाद VVIP ट्रीटमेंट नहीं मिलने पर भड़क गए। देवरिया पहुंचे मंत्री निषाद को न तो एस्कॉर्ट वाहन दिया गया और न ही सर्किट हाउस में वीआईपी व्यवस्थाएं दी गईं। सर्किट हाउस पर कोई अधिकारी भी मौजूद नहीं था।
नाराज मंत्री ने कहा-एस्कॉर्ट नहीं होने की वजह से जनसुनवाई और अन्य कार्यक्रमों में असुविधा हुई। मंत्री के PS अंबिका प्रसाद श्रीवास्तव ने DM और SP को लेटर भेजकर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई कर उनके कार्यालय को सूचित करने का निर्देश दिया है।
मामला 2 फरवरी का है। मंत्री निषाद एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए देवरिया पहुंचे थे। मंत्री का आरोप है कि पूर्व प्रस्तावित इस कार्यक्रम के बावजूद जिला प्रशासन ने प्रोटोकॉल की अनदेखी की।
पहले पढ़िए मंत्री निषाद ने क्या कहा?
मंत्री निषाद ने कहा- एस्कॉर्ट वाहन न मिलने के कारण मुझे शहर में काफी देर तक भटकना पड़ा। इससे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने में देरी हुई और सरकारी कार्य प्रभावित हुए। मंत्री ने इसे प्रशासनिक स्तर की गंभीर चूक बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जरूरत बताई।
मंत्री के निजी सचिव ने जिलाधिकारी को लिखा लेटर… मंत्री निषाद के निजी सचिव ने डीएम और एसपी को लेटर लिखकर संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। लेटर के अनुसार, 2 फरवरी को सुबह 10:30 बजे मत्स्य मंत्री डॉ. संजय निषाद देवरिया जिला में गए थे।
लेकिन गोरखपुर-देवरिया बॉर्डर पर न तो एस्कॉर्ट वाहन उपलब्ध कराया गया और न ही सर्किट हाउस पर कोई लाइजन अधिकारी मौजूद था। प्रोटोकॉल की यह चूक उस समय सामने आई, जब मंत्री को अपने निर्धारित कार्यक्रमों और जनसुनवाई में शामिल होना था।
मंत्री स्तर के आगमन पर प्रोटोकॉल का पालन न करना अत्यंत गंभीर मामला है। मंत्री के निर्देश पर दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई कर इसकी सूचना कार्यालय को देने को कहा गया है। लेटर में प्रोटोकॉल में गंभीर लापरवाही और अनुशासनहीनता करार देते हुए भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए स्पष्ट निर्देश जारी करने को कहा गया है।
एडीएम प्रशासन प्रेम नारायण सिंह ने कहा-

मुझे अभी तक इस प्रकरण की कोई जानकारी नहीं है। कोई लेटर भी नहीं मिला है। शासनादेश के अनुसार मंत्री को पूरा प्रोटोकॉल उपलब्ध कराया जाएगा।
एसपी संजीव सुमन ने कहा-

अभी तक मंत्री के निजी सचिव का कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। अगर प्रोटोकॉल के तहत सुविधाएं देने में कहीं कोई लापरवाही हुई है तो यह गंभीर मामला है। जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।

