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NEET छात्रा में अब तक की सबसे बड़ी खबर, CID की गाइडलाइन से हड़कंप!

पटना. नीट (NEET) छात्रा रेप और संदिग्ध मौत मामले से जुड़ी अब तक की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है. CID, FSL और SIT के अनुसंधान और जांच से जुड़ी बड़ी खबर के बाद एक बार फिर से बिहार के हॉस्टलों बेटियों की सुरक्षा को लेकर बड़ा सवाल उठने लगा है. दरअसल नीट छात्रा रेप केस में अब जांच टीम इस एंगल से मामले की तफ्तीश में जुटी है कि क्या छात्रा को हॉस्टल में ही नशे की गोलियां खिलाई गईं थी. आखिर 17 घंटे का CCTV कहां है छिपा है? अब जांच टीम इसको लेकर बड़े खुलासे की तैयारी में है. बताया जा रहा है कि अब जांच के दायरे सबसे यंग पांच लड़के हैं.

CID ने पटना पुलिस और SIT के अनुसंधान पर उठाते हुए 59 प्वाइंट पर दिया खास दिशा निर्देश दिए है. पुलिस मुख्यालय के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार जांच को कई संभावित दिशाओं में बांटते हुए CID ने SIT को 59 पॉइंट्स की खास गाइडलाइन सौंपी है, जिसमें हॉस्टल परिवार जहानाबाद दोस्तों और डिजिटल सबूतों से जुड़ी गंभीर कई आशंका जाहिर की गई है. जांच का केंद्र 5 जनवरी की रात 9.30 बजे से 6 जनवरी की दोपहर 2 बजे तक है, जब हॉस्टल में गतिविधियां सबसे ज्यादा संदिग्ध मानी जा रही हैं.

इस मामले के तूल पकड़ने के बाद CID की टीम ने SIT के साथ हॉस्टल जाकर जांच की थी. इसके बाद ही SIT को खास गाइडलाइन दी गई. FSL की रिपोर्ट में छात्रा के स्पर्म की जो क्वालिटी मिली है उसकी उम्र 18 से 21 साल तक लड़के की उम्र बताई जा रही है. इस आधार पर अब 4 से 5 सबसे यंग लड़के जांच के दायरे में आ गए हैं CID के 59 प्वाइंट जिसकी दिशा में CID बढ़ रही है, कौन से लड़के जांच में सबसे ज्यादा संदिग्ध माने जा रहे हैं.
CID की गाइडलाइन इस आशंका पर टिकी है कि छात्रा को हॉस्टल में एंटी डिप्रेसेंन या सेडेटिव दवाएं दी गई थीं. कमरे से तीन खाली दवा स्ट्रिप मिलने लेकिन पुलिस को केवल एक स्ट्रिप सौंपे जाने से संदेह और गहराया है. नाबालिग छात्रा के पास इतनी अधिक मात्रा में दवाओं का होना वार्डेन द्वारा इन दवाओं को परिजनों को सौंप देना और पुलिस को तुरंत सूचना न देना ये सभी बिंदु सवालों के घेरे में हैं.

हॉस्टल के कमरे के बाहर CCTV कैमरे का न होना, दरवाजा तोड़ने से पहले किसी प्रशासनिक अधिकारी की मौजूदगी न होना और हॉस्टल मालिक की गिरफ्तारी के बावजूद अन्य जिम्मेदारों की भूमिका इन सभी पहलुओं पर CID का विशेष रूप से फोकस है. यह भी जांच का विषय है कि क्या इससे पहले हॉस्टल में इस तरह की कोई घटना हो चुकी है.
CID के दिए बिंदुओं के आधार पर SIT इस एंगल से भी जांच कर रही है कि 26 दिसंबर को पूरा परिवार अचानक हॉस्टल क्यों पहुंचा और छात्रा को घर क्यों ले जाया गया. सामान्य परिस्थितियों में छात्राएं अकेले आती जाती हैं. लेकिन, इस मामले में माता पिता और भाई तीनों का एक साथ आना जांच का विषय बना हुआ है. घर जाते समय CCTV फुटेज में छात्रा और परिजनों के व्यवहार का विश्लेषण किया जा रहा है. इसके साथ ही घर पर 9 दिन रुकने के दौरान छात्रा की मानसिक स्थिति मोबाइल सर्च हिस्ट्री और FIR दर्ज कराने में हुई देरी इन सभी पहलुओं को आपस में जोड़कर जांच की जा रही है.

अस्पताल में बयान न देना और पहले केस नहीं करना चाहते वाला मैसेज भी जांच के दायरे में शामिल है जहानाबाद में घटना की आशंका घर के भीतर क्या हुआ. जांच टीम इस संभावना पर भी काम कर रही है कि घटना की कड़ियां जहानाबाद स्थित छात्रा के घर तक जुड़ती हैं. 26 दिसंबर से 5 जनवरी तक छात्रा घर पर रही इस अवधि में वह कहां गई किन लोगों से मिली और उसकी मानसिक स्थिति कैसी थी इसकी विस्तृत जांच की जा रही है. गांव के चौकीदार पड़ोसियों और नजदीकी रिश्तेदारों से पूछताछ जारी है साथ ही यह भी जांच का विषय है कि कहीं दवा या किसी जहरीले पदार्थ की व्यवस्था घर से ही तो नहीं की गई मोबाइल सर्च हिस्ट्री का घर से शुरू होना और अचानक तबीयत बिगड़ने की टाइमलाइन इस आशंका को और मजबूत करती है.

CID ने इस एंगल को भी खुला रखा है कि 5 जनवरी को पटना पहुंचने के बाद छात्रा किसी दोस्त या परिचित से मिली हो. ऑटो चालक से पूछताछ स्टेशन और रास्ते के CCTV फुटेज मेडिकल स्टोर से दवा खरीद की संभावना इन सबकी जांच हुईं है. सोशल मीडिया चैट, कॉल डिटेल और कोचिंग से जुड़े दोस्तों से जानकारी जुटाई जा रही है. NEET परीक्षा के दबाव और निजी रिश्तों से जुड़े तनाव को भी इस एंगल में शामिल किया गया है. CID की जांच का सबसे संवेदनशील घड़ी 5 जनवरी साढ़े नौ बजे से छह जनवरी शाम चार बजे का वक़्त यही समयावधि माना जा रहा है. इसी दौरान छात्रा के कमरे के बाहर की कोई CCTV फुटेज उपलब्ध नहीं है जिससे आशंका जताई जा रही है कि इसी वक्त उसे दवाएं दी गईं या उसने स्वयं दवाएं लीं.
फुटेज से किसी भी तरह की छेड़छाड़ का पता लगाने के लिए DVR की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है. इसके साथ ही मोबाइल गतिविधियां अन्य मोबाइल की मौजूदगी और दरवाजा तोड़ने से पहले की गतिविधियां इन सभी पहलुओं की जांच इसी समय सीमा के भीतर की जा रही है. CID इस तथ्य को भी एक अहम कड़ी मान रही है कि छात्रा की मामा से लगातार हो रही बातचीत 25 नवंबर के बाद अचानक बंद हो गई इसे मानसिक सहयोग के खत्म होने और संभावित तनाव से जोड़कर देखा जा रहा है.

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