बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रिश्वत लेते गिरफ्तार, लोन पास कराने के लिए 45 हजार मांगे थे
हरदोई में बसपा पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेश चौधरी को 45 हजार रुपए रिश्वत लेते एंटी करप्शन टीम ने गिरफ्तार किया है। वह बैंक से 5 लाख का लोन पास कराने के लिए महिला से रिश्वत मांग रहे थे। महिला की शिकायत पर एंटी करप्शन टीम ने बसपा नेता को ट्रैप में फंसाने की योजना बनाई।
मंगलवार को महिला को पैसे लेकर दफ्तर भेजा। बसपा नेता ने जैसे ही पैसे पकड़े, टीम पहुंच गई और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद टीम ने उनसे करीब 7 घंटे पूछताछ की और लखनऊ लेकर रवाना हो गई। इस दौरान बसपा नेता अपना मुंह छिपाते नजर आए।
बसपा नेता ने कहा कि राजनीतिक साजिश के तहत उन्हें बदनाम करने के लिए फंसाया गया है। वे जुलाई 2020 से 2022 के विधानसभा चुनाव तक हरदोई के बसपा जिलाध्यक्ष पद पर रहे। बाद में चुनाव में बेहतर प्रदर्शन न होने के कारण उन्हें जिलाध्यक्ष पद से हटा दिया गया था।
बघौली थाना क्षेत्र के अछरामऊ गांव की रहने वाली महिला सीमा देवी के मुताबिक, उन्होंने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी रोजगार योजना के तहत 5 लाख रुपए के लोन के लिए बैंक ऑफ बड़ौदा में आवेदन किया। उन्हें सुगसुगी गांव के रहने वाले बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेश चौधरी से संपर्क करने के लिए कहा गया।
सुरेश चौधरी बैंक का बीसी (बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट) केंद्र संचालित करते हैं। वे रिकवरी एजेंट भी हैं। महिला का आरोप है कि बसपा नेता ने उनसे 50 हजार रुपए की रिश्वत मांगी। उन्होंने बातचीत और रिश्वत मांगने के सबूत जुटाकर एंटी करप्शन को शिकायत की थी।
45 हजार रुपए में रिश्वत की रकम तय हुई। इसके बाद टीम ने ट्रैप की योजना बनाई। टीम ने महिला को 45 हजार रुपए के साथ बसपा नेता के पास भेजा। इस दौरान पूर्व बसपा जिलाध्यक्ष अपने कार्यालय में कार्यकर्ताओं के साथ बैठे थे। महिला से जैसे ही उन्होंने रिश्वत की रकम ली, सीबीआई की टीम ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। एंटी करप्शन टीम ने बसपा नेता को कछौना रेलवे स्टेशन के गार्ड रूम ले गई। यहां करीब सात घंटे तक पूछताछ की गई। नेता के दफ्तर से कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज और लेन-देन से जुड़े कागजात जब्त किए गए। बसपा नेता की गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही बैंक ऑफ बड़ौदा की कछौना शाखा का मैनेजर फरार हो गया। टीम उसकी तलाश में जुटी हुई है। यूपी में रसोई गैस (LPG) की किल्लत हो गई है। बुकिंग के 4 से 5 दिन बाद भी सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं। बुधवार को दूसरे दिन भी गैस एजेंसियों के बाहर लाइनें लगी हैं। गोरखपुर- सिद्धार्थनगर में पुलिस सुरक्षा में सिलेंडर बांटे जा रहे हैं।
कई जगह गैस एजेंसियों पर तड़के 3 बजे से ही लोग सिलेंडर लेकर पहुंच गए। घंटों इंतजार कर रहे, लेकिन सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं। वजह- सिलेंडर कम हैं और लेने वालों की संख्या ज्यादा।

